-मुकेश पूनिया-
बीकानेर। पान मसाला जगत में सबसे महंगा रजनीगंधा पान मसाला भी मिलावटी पाया गया है,इसकी जांच में मैग्निशियम कॉर्बोनेट मिला पाया,इससे होता है मुंह का कैंसर फिर बीकानेर समेत देशभर में रजनीगंधा की बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है। ताज्जुब की बात तो यह है कि बीकानेर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अनेक ब्रांड के पान मसालों और तंबाकू की जांच के लिये सैंपल लिये थे,लेकिन रजनीगंधा पान मसाले में मैग्निशियम कॉर्बोरेट की आंशका के बावजूद इसके सैंपल नहीं लिये। जबकि पड़ोसी प्रांत मध्यप्रदेश के भोपाल की लैब में रजनीगंधा पान मसाला के चार पाउचों की जांच रिपोर्ट खुलासा हुआ कि पान मसाला में 2.674 प्रतिशत मैग्निशियम कॉर्बोनेट की मिलावट पाई गई,जो मुंह के कैंसर आदि खतरनाक बीमारियों का कारक है। कंपनी इस घातक रसायन का उपयोग इसलिए करती की गुटखा लाल नहीं हो और नमी नहीं खींचे। यह मानव शरीर के लिए काफी घातक होता है। स्वास्थ्य जागरूकता संगठनों से जड़े प्रतिनिधि भी सवाल उठा रहे है कि भोपाल की लैब में हुई जांच में रजनीगंधा पान मसाले में मैग्निशियम कॉर्बोनेट की मात्रा हद से ज्यादा पाये जाने के बावजूद बीकानेर में स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां रजनीगंधा ब्रांड के पान मसालों के सैंपल क्यों नहीं ले रही है।

जानकारी में रहे कि राजस्थान सरकार ने बीते अक्टूबर माह में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर राज्य में मैग्निशियम कार्बोनेट, निकोटिन, तंबाकू या मिनरल ऑयल युक्त पान मसाला और फ्लेवर्ड सुपारी के उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। प्रतिबंध की घोषणा के शुरूआती दौर में स्वास्थ्य विभाग की टीम बीकानेर में तंबाकू पान मसाला के कई थोक कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश देकर सैंपल लिये,इनमें कई तंबाकू,पान मसालों और सुपारी की जांच रिपोर्ट में मिलावट साबित होने के बाद भी बिक्री का दौर जारी है और राज्य सरकार के जिम्मेदार नुमाईंदे खमोश बैठकर तमाशा देख रहे है। जानकारों के मुताबिक तमाम ब्रांड के तंबाकू पान मसालों और सुपारी में घातक रसायनोंं के मिलावट की आंशका है,फिर भी इनकी बिक्री पर अंकुश के लिये प्रभावी कदम नहीं उठाये जा रहे है। जानकारों की मानें तो भले ही राज्य सरकार ने युवाओं में नशे की लत को रोकने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। साथ ही महाराष्ट्र,बिहार के बाद राजस्थान देश का ऐसा तीसरा राज्य बन गया है, जहां इन उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध है। लेकिन बीकानेर में अब प्रतिबंधित पान मसाले,तंबाकू और सुपारी पर कोई प्रतिबंध नहीं दिख रहा है।

लिवर-किडनी हो जाता खराब
पान मसाले में मिलाया जाने वाला मैग्नीशियम कार्बोनेट चूने से मिलता-जुलता रासायनिक पदार्थ है और घोषित रूप से कैंसर को सीधे न्योता देने वाला केमिकल है। जांच में इसकी मात्रा पान मसाले के एक पाउच में दो से चार प्रतिशत तक पाई गई जो सीमित मात्रा से दस गुना तक अधिक है। इसे लगातार खाने से धीरे-धीरे मुंह कम खुलने लगता है और कैंसर की स्टेज शुरू हो जाती है। फिर चुपके से किडनी और लिवर को भी संक्रमित कर देता है। एक पाउच में मिलने वाले चालीस केमिकल आपस में प्रतिक्रिया करके 3096 से ज्यादा केमिकल बना लेते हैं। यही हानिकारक तत्व मिलकर हमारे मुंह की सुरक्षा परत को ध्वस्त कर कैंसर को जन्म दे रहे हैं।

नपुंसकता का बढ़ा खतरा
पान मसाले में मिलाए जाने वाले यह केमिकल पुरुषों को नपुंसक तक बना रहे हैं। इसमें किडनी और लिवर को खराब करने वाले केमिकल अब सात गुना ज्यादा बढ़ गए हैं। इस पान मसाले से बीमार हो चुके लोगों को सादा पानी पीने पर भी जलन होने लगी है। इसके अलावा हाई बीपी, दिल का दौरा, घबराहट, उल्टी और चक्कर के लक्षण भी मिल रहे हैं।