Site icon OmExpress

रमक झमक भैरव दरबार में भैरव शतनाम से यज्ञ हुआ


-विधायक व्यास व संत भावनाथ ने दी आहुतियां और की आरती

बीकानेर। रमक झमक स्थित भैरव दरबार में अल सुबह से भैरव यज्ञ शुरू हुआ जो दिन भर चला। भैरव साधक प्रहलाद ओझा ‘भैरुं’ ने भैरव शतनाम व भैरव मूल मंत्रों से आहुतियां दी। प्रहलाद ओझा ‘भैरुं’ ने बताया कि भैरव अष्टमी के अवसर पर रमक झमक स्थित भैरव दरबार में किये गए यज्ञ में नवनिर्वाचित विधायक जेठानन्द व्यास व संत भावनाथ महाराज शामिल हुवे,उन्होंने भी काल भैरव के मंत्रों से आहुतियां दी तथा गुलाब पुष्प से अर्चन किया तथा आरती की। आरती में रोहित मिश्रा, श्रीवत्स पांडे,रिंकू मिढा,कुमारी इल्यासा,भंवरी देवी,रामप्यारी,विजय लक्ष्मी,हेमंत सोनी,डिम्पल सोनी गोविंद छंगाणी व महावीर सिंह राजपूत सहित अनेक गणमान्य एवं भैरव भक्त शामिल हुवे।
काल भैरव महोत्सव में सुसील किराडू,महावीर ओझा,राधाकृष्ण ओझा,कु माया,कु सुषमा,श्रीमती इंदु वर्मा, कुमार गोविंद ने विधायक व्यास एवं संत भावनाथ महाराज को शाल,रमक झमक ओपरणा, श्रीफल, तुम्बड़ी पुस्तक तथा रुद्राक्ष माला पहनाकर स्वागत किया। लक्ष्मी ओझा एवं रामकवरी ओझा ने उपस्थित भक्तों एवं श्रद्धालुओं को ‘भैरव तुम्बड़ी पुस्तकें बांटी। राधे ओझा ने रात को शाम को श्रंगार कर दीपमाला की।
इस अवसर पर विधायक जेठानन्द व्यास ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि जन्म दिन स्वयं का हो या देवी देवताओं का केक काटने की परम्परा गलत चल पड़ी है इसे बंद कर घी का दीपक जलाना चाहिये।उन्होंने कहा सुबह सूर्योदय से पहले उठने की आदत डाली चाहिये।
संत भावनाथ महाराज ने कहा कि भैरव के नाम की आड़ पर शराब का सेवन गलत है। प्रहलाद ओझा ‘भैरुं’ ने कहा कि कलिकाल में भैरव अपने भक्तों का भय संकट शीघ्र दूर करने सक्षम है।

Exit mobile version