Site icon OmExpress

राजस्थान की आईजीएनपी और ईआरसीपी को मिले राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा

रिपोर्ट: हेम शर्मा ।केंद्रीय जल संसाधन मंत्री इंदिरा गांधी नहर परियोजना और पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दें। यह दोनों परियोजनाए प्रदेश और राष्ट्रीय विकास में कितनी महत्वपूर्ण है यह बात केंद्रीय जल संसाधन मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री को बताने की जरूरत नहीं है। इंदिरा गांधी नहर की सिंचाई से सकल राष्ट्रीय कृषि उत्पादन में राजस्थान का महत्वपूर्ण योगदान है। फिर भी केंद्रीय जल संसाधन मंत्री जी अंतर्राज्यीय समझोते के मुताबिक सिंचाई का तय पूरा पानी राजस्थान को नहीं मिल रहा है। पानी पर पंजाब की मनमानी है। नहर जर्जर हो गई है। इसका दोष मुख्यमंत्री को दे दो, परंतु यह राष्ट्रीय संपदा जिसने राजस्थान की फिजा बदल दी क्यों ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्टेट में कांग्रेस की सरकार है तो क्या इंदिरा गांधी नहर को बर्बाद होने देगे केंद्रीय जल संसाधन मंत्री ? पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना से 13 जिलों में पेयजल जिससे राज्य की 40 फीसदी जनता को पानी मिलेगा। 2 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। और वर्ष जल समंदर में जाने से बचेगा। जिसे प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की अनुशंसा की गई। अब केंद्रीय जल संसाधन मंत्री के सचिव राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर अंतर्राज्यीय सहमति नहीं होने तक कार्य संपादित नहीं करने को आगाह किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान सरकार के जल संसाधन, सिंचित क्षेत्र विकास, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, जल संसाधन आयोग विभाग की मीडिया आमुखीकरण कार्यशाला रखकर पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ई आर सी पी ) को लेकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री के बीच चल रही राजनीति को उजागर किया है। दोनों जोधपुर के हैं। दोनों प्रदेश के विकास में सक्षम है। दोनों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा की टकराहट है। मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री राज्य में नहर परियोजना चाहे आईजीएनपी हो या ईआरसीपी को लेकर राजनीति डांवपेज चला रहे हैं। इसका परिणाम प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस लड़ाई से प्रदेश में पेयजल संकट का निराकरण और सिंचित क्षेत्र का विस्तार नहीं हो सकेगा। लड़ाई में कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जीते या भाजपा की केंद्र सरकार के जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह। हार जनता की होगी। भुगतना जनता को पड़ेगा प्रदेश का विकास रुक जाएगा। मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री जी क्या यह लड़ाई प्रदेश और जनता के हित की है क्या ? माननीय मुख्यमंत्री जी और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री जी यह देश आपके राजनीतिक दलों का राजनीति करने का उपकरण नहीं है। समझे।

Exit mobile version