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राजस्थान के बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग उठाई,

– 22 को सभी बस ऑपरेटर आरटीओ को सौंपेंगे बसों की चाबी,

— अनिश्चितकालीन चक्का जाम की चेतावनी

जयपुर,(दिनेश शर्मा”अधिकारी”)।राजस्थान बस ऑपरेटर एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा की एक तरफ जहां प्रदेश की गहलोत सरकार सभी व्यवसायों में कोरोना महामारी के दौरान रियायत बरत रही है वही राजस्थान के बस ऑपरेटर कोरोना महामारी से ज्यादा केंद्र और राज्य की सरकार की दोहरी मार को झेल रहे हैं इस पर सरकार ने आज दिनांक तक कोई रियायत नहीं दी गई कोविड-19 महामारी में गत 2 वर्ष के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने डीजल की रेटों में बेतहाशा वृद्धि करते हुए ₹60 प्रति लीटर मिलने वाले डीजल आज ₹100 से ऊपर पहुंच चुका है, वही एक बस का इंश्योरेंस करीब ₹80000 प्रति वर्ष प्रीमियम राशि जमा कराना होता है चाहे गाड़ी रोड पर चले या न चले लेकिन इंश्योरेंस एम ए सी टी एक्ट के तहत करना ही होगा। वही केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई e-चालान योजना में तो और भी ज्यादा गड़बड़झाला है जो गाड़ियां गत 2 वर्षों से रोड पर चली ही नहीं है गाड़ी मालिकों के और ड्राइवरों के घर के आगे खड़ी है उन गाड़ियों का भी ई चालान नोटिस गाड़ी मालिकों के घर पर अन्य राज्यों से पहुंच रहे हैं साथ ही प्रदेश सरकार के परिवहन कार्यालयों द्वारा 16000 से लेकर 40000 तक के प्रति गाड़ियों पर टेक्स् भी जबरन वसूल किया जा रहा है जिन गाड़ियों का टैक्स गत 2 वर्षों से बकाया चल रहा है उनकी जबरन रसीदें काटी जा रही हैं जो गाड़ियां कोरोना महामारी के पहले दौर में मार्च 2020 से संचालित ही नहीं है इस तरह एसोसिएशन के ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े करीब 10,000 बस ऑपरेटर मालिक 40000 स्थाई कर्मचारी कर्मचारी जिनमें ड्राइवर,कंडक्टर व अन्य स्टाफ भी शामिल है उनका अतिरिक्त भार भी गत 2 वर्षों से बस ऑपरेटरों पर पड़ रहा है साथ ही अन्य सरकारी खर्चे भी प्रति व्हीकल बढ़ चुका है,वही परिवहन कार्यालय के अधिकारी अपने राजस्व वसूली में कोई रियायत नहीं बरतते हुए सरकार के द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में रात दिन जुटे हुए हैं गाड़ियों को थानों में सीज कर बकाया टैक्स की वसूली कर रहे हैं जो कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। एक तरफ जहां प्रदेश की गहलोत सरकार का इसी तरह अड़ीयल रवैया रहा तो सभी ऑपरेटर 22 जुलाई को परिवहन कार्यालय में एकत्रित होकर आरटीओ को अपनी बसों की चाबी सौंप देंगे और यदि उस पर भी सरकार का वही मनमाना रवैया रहा तो अनिश्चित काल के लिए चक्का जाम पूरे प्रदेश में करेंगे। यह कथन एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष राठौर ने पिंक सिटी प्रेस क्लब सभागार में प्रदेशभर से आए पीड़ित बस ऑपरेटरों की समस्याओं को मीडिया के सामने रखते हुए कहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब डीजल ₹42 प्रति लीटर था तब किराया 85 पैसे प्रति किलोमीटर निर्धारित था,आज डीजल ₹100 प्रति लीटर को पार कर चुका है तब भी किराया वही है।इसी संदर्भ में सभा अध्यक्ष ओम बिरला के कोटा प्रवास के दौरान केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर डीजल,इंश्योरेंस,ई-चालान के मामले को प्राथमिकता से बस ऑपरेटरों के हित में हल करने का ज्ञापन सौंपा था।और राज्य सरकार से 2 वर्षों का परिवहन टैक्स माफ करनेकी मांग उठाई है।परिवहन टैक्स विषय प्रदेश की राज्य सरकार के अधीन आता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पीड़ित बस ऑपरेटरों की मांग को प्रदेश सरकार तक पहुंचाने में मीडिया की मदद ली जा रही है उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के बैनर तले कमर्शियल वाहन के करीब 2 दर्जन से भी अधिक यूनियन ने जिन जिन में ओला, उबर,बजरी ट्रक यूनियन, ऑटो चालक यूनियन, टूरिस्ट यूनियन,स्लीपर कोच यूनियन,लोक परिवहन यूनियन,सहित अन्य यूनियनो ने भी समर्थन सौंप दिया है।

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