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राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा तथा आर्ट ऑफ लिविंग के मध्य सहमति ज्ञापन


-राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय विद्यार्थिओं के आध्यात्मिक, भावात्मक और समग्र सांस्कृतिक विकास हेतु आर्ट ऑफ़ लिविंग के साथ मिलकर करेगा काम

-आध्यात्म भावत्मक कौशल के विकास का श्रेष्ठ माध्यम : प्रो. एसके सिंह, कुलपति

कोटा,। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय,कोटा के कुलपति प्रो. संतोष कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक समारोह में विश्वविद्यालय तथा आर्ट ऑफ़ लिविंग के मध्य एक सहमति ज्ञापन संपन्न हुआ। सहायक जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस अवसर पर कुलपति प्रो. सिंह ने वर्तमान पीढ़ी के समक्ष आने वाली चुनौतियों और कोटा में विद्यार्थियों में बढ़ते अवसाद के लक्षणों पर चर्चा की। उनका कहना था कि जीवन शैली तथा विकास के नाम पर ज्ञान की भूख के चलते आजकल विद्यार्थियों का मानसिक विकास शीघ्र होने लगता है, जबकि शारीरिक विकास के लिए आवश्यक तत्व जैसे व्यायाम, खेलकूद, नियमित दिनचर्या तथा उपयुक्त भोजन प्राथमिकता के दायरे से बाहर निकल गया है। इसलिए, युवा पीढ़ी में अवसाद अधिक देखा जा रहा है और कोटा में इसके मूर्त रूप में कई विद्यार्थियों द्वारा की जा रही आत्महत्याएँ एक चिंता का विषय हैं।

उन्होंने उल्लेख किया कि यह वे विद्यार्थी हैं जिन्होंने अभी तक महाविद्यालय में भी प्रवेश नहीं किया, अभी ठीक से बालिग भी नहीं हुए लेकिन जीवन से निराश हो चुके थे। ऐसे समय में आर्ट ऑफ़ लिविंग जैसे संस्थान विद्यार्थियों के मध्य नयी आशा और ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सहमति ज्ञापन के पश्चात् विश्वविद्यालय के विद्यार्थी आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्थान द्वारा लगाए जा रहे चेतना शिविरों, साहित्य, रिकार्डेड प्रवचनों आदि के माध्यम से अपने भीतार की उलझन से मुक्त हो सकेंगे तथा नयी ऊर्जा के संग अपने अध्ययन में जुटेंगे। देश को आज सकारात्मक सोच वाली युवा पीढ़ी की अधिक आवश्यकता है जो तकनीकी रूप से समृद्ध हो, तथा मानसिक रूप से भी मजबूत हो।

इस अवसर पर आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्थान के कोटा केंद्र के प्रभारी श्री पारस कोहली ने आर्ट ऑफ़ लिविंग की विभिन्न गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया तथा कोटा तथा विश्वविद्यालय के लिए विशेष रूप से संरेखित कार्यक्रमों का परिचय दिया। कार्यक्रम के अंत में ट्रेनिंग तथा प्लेसमेंट विभाग के विभागाध्यक्ष डा. मनीष चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों तथा सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री वीरेन्द्र कुमार वर्मा, डीन फैकल्टी अफेयर्स प्रो. अरविंद कुमार द्विवेदी, डीन अकादमिक प्रो. धीरज पलवालिया, परीक्षा नियंत्रक प्रो. धीरेन्द्र माथुर, एपीआरओ विक्रम राठौड़,सुनील बाफना प्रमुख सदस्य राजस्थान आर्ट ऑफ लिविंग, ऋषि सूद-जोनल आर्ट ऑफ लिविंग समन्वयक, दीपक शर्मा- जिला आर्ट ऑफ लिविंग समन्वयक सहित कई संकाय सदस्य तथा अधिकारी उपस्थित थे।

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