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राजस्थान में एक साल फिर बढ़ी सियासी हलचल

– सचिन पायलट ने खोला मोर्चा!

जयपुर ,(ओम एक्सप्रेस )। राजस्थान की राजनीति में सियासी हलचल एक बार फिर बढ़ने के आसार हैं. पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि आलाकमान की ओर से जो वादे किए गए थे, उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं होना दुखद है. उन्होंने अब तक के ऐक्शन पर नाराजगी जाहिर की है।

राजस्थान की सियासत में एक बार फिर हंगामा मचने के आसार नजर आ रहे हैं।
एक साल पूरे होने के बाद फिर से राजनीति गर्म हो रही है।राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि सुलह के मौके पर आलाकमान की तरफ से जो वादे किए गए थे, उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं होना दुखद है.सचिन पायलट ने आजतक से कहा कि दिल्ली में हुए समझौते में जो वादा किया गया था, उसे भी नहीं पूरा किया गया. उन्होंने कहा कि 9 महीने बीत गए हैं, लेकिन समस्याओं का निपटारा अब तक नहीं किया गया है। वादा किया गया था कि विवादों का त्वरित निपटारा होगा ।सचिन पायलट ने कहा, ‘सुलह के मौके पर आलाकमान के तरफ से जो वादे किए गए थे, उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं होना दुखद है. जब दिल्ली में समझौता हुआ था तो कहा गया था कि कमेटी बनाकर जो भी समस्याएं आएंगी, उसे त्वरित तरीके से निपटाया जाएगा. 9 महीना बीतने के बाद भी इस मामले में कुछ भी नहीं हुआ.’सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रोजाना राजनीतिक नियुक्तियां कर रहे हैं, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं को जगह नहीं मिल रही है. यह भी अफसोसजनक है. राजनीतिक पदों पर रिटायर्ड अधिकारियों को बैठाया जा रहा है, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर लाठियां खाई हैं.

– राजस्थान में फिर कांग्रेस में रार!
हालांकि सचिन पायलट ने यह नहीं बताया कि समझौते के समय क्या वादे किए गए थे, मगर उन्होंने कहा कि कमेटी के सामने हमने जो भी पक्ष रखे थे, उसे लेकर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है जिससे उन्हें निराशा है.सचिन पायलट समझौते के बाद मध्य प्रदेश उपचुनाव के अलावा पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी की तरफ से चुनाव प्रचार के लिए गए. राजस्थान के प्रभारी महासचिव बनाए गए अजय माकन ने भी सचिन के लोगों को व्यवस्थित करने की कोशिश की, मगर अजय माकन ने भी अब राजस्थान आना छोड़ दिया है.

– कांग्रेस में फिर शुरू गुटबाजी!
वहीं सीएम अशोक गहलोत गुट की तरफ से लगातार सचिन पायलट के गुट के विधायकों को पाले में लाने की कोशिश की जा रही है, उसे लेकर भी सचिन पायलट नाराज बताए जा रहे हैं. हालांकि सचिन पायलट को उम्मीद है कि पंजाब के समाधान के बाद कांग्रेस आलाकमान राजस्थान के नेताओं और कार्यकर्ताओं को तवज्जो देगी।

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