

जयपुर। राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि अधिकतर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की माने तो 14 व 15 सितंबर को भी अति भारी और भारी बारिश की संभावना है। भारी बारिश का जोर तीन दिन रह सकता है। यहां अति भारी बारिश मौैसम विभाग की माने तो 14 व 15 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कोटा व भरतपुर संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर भारी और कुछ में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर व जोधपुर संभाग के जिलों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना बनी हुई है। राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में 17 सितंबर से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। इन जिलों में बारिश मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो 14 सितंबर को बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ और 15 सितंबर को भरतपुर व धोलपुर में अति भारी बारिश की संभावना है। जबकि 14 सितंबर को अलवर, अजमेर, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, करौली, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, नागौर, और पाली के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसी प्रकार 15 सितंबर को पाली, उदयपुर, टोंक, सिरोही, सवाईमाधोपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, कोटा, करौली, झालावाड़, डूंगरपुर, धौलपुर, दौसा, चित्तौड़गढ़, बूंदी, भीलवाड़ा, बारां, बांसवाड़ा, अलवर, अजमेर में बारिश होगी। ट्रफ रेखा का असर मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो मानसून ट्रफ रेखा जैसलमेर, कोटा, गुना, मध्य प्रदेश के मध्य भागों, पेंड्रा रोड़, जमशेदपुर, दीघा और वहां से बंगाल की खाड़ी के पूर्वोत्तर में निम्न दबाव का क्षेत्र बनाकर गुजर रही है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान, और सामावर्ति अफागानिस्तान के ऊपर सतह में एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है।”
