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राजस्थान में गहलोत सरकार का विकास बनाम मोदी : हेम शर्मा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 8 जुलाई को बीकानेर में केन्द्र सरकार की ओर से किए गए विकास कार्य राष्ट्र को समर्पित करने आ रहे हैं। वैसे अशोक गहलोत सरकार के भी प्रदेश के विकास के अपने दावे हैं। दरअसल केंद्र की मोदी सरकार के विकास कार्य बनाम राजस्थान में अशोक गहलोत के विकास अगले विधानसभा चुनाव का मुद्दा बन सकते है।
प्रधानमंत्री जी राजस्थान की सरकार ने भी विकास की गंगा बहाई है। राज्य और केंद्र के कामों की सूची और समवर्ती सूची होती है। केंद्र सरकार राज्य सरकार के कामों की तुलना नहीं हो सकती। राजस्थान सरकार ने अपनी योजनाओं के तहत और केंद्र सरकार ने अपनी योजनाओं के काम जनता के बीच गिनाने शुरू किए हैं। अशोक गहलोत सरकार के काम प्रदेश के विकास में आजादी के बाद एक मिसाल के बतौर देखे जा सकते हैं।
केंद्र सरकार की ओर से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाईवे, जो 6 लेन हैं और कुल 1316 किमी लम्बा है। इस हाईवे की कुल लागत 20,868 रूपये है। यह हाईवे 4 राज्यों राजस्थान, पंजाब, हरियाणा व गुजरात को जोड़ने वाली ग्रीन फील्ड परियोजना का हिस्सा है। प्रधानमंत्री भारतमाला योजना में निर्मित रायसिंहनगर- अनूपगढ़- पूगल तक 860.26 करोड़ रूपए की लागत से 162.46 किमी तथा खाजूवाला- पूगल-बाप तक 895 करोड़ रुपए की लागत से 212 किमी लंबी सड़क परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। भारत सरकार के उपक्रम पावरग्रिड कॉर्पोरेशन की ओर से निर्मित ग्रीन एनर्जी कोरिडोर गुजरात के बनासकांठा से शुरू होकर पंजाब के मोगा तक 26000 करोड़ रुपए की लागत से 1300 किमी लंबाई के कोरिडोर का लोकार्पण और भारत सरकार के श्रम व रोजगार मंत्रालय की ओर से 41.15 करोड़ की लागत से निर्मित 30 बेड (विस्तारित 100 बेड) के ESIC हॉस्पीटल भी जनता को समर्पित करेंगे। केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री मोदी की ओर से राष्ट्र को समर्पित ये कार्य देश के विकास में मील के पत्थर साबित होंगे। विकास के इस दंगल के बीच बीकानेर संभाग में भाजपा के राजनीतिक हालात भी जानने जरूरी है मोदी के नाम से बीकानेर के सांसद अर्जुन राम मेघवाल चुनाव जीते हैं और मंत्री भी बने हैं, परंतु सांसद के नाम से बीकानेर की एक श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा में ही भाजपा चुनाव नहीं जीत सकी। जहां प्रधानमंत्री जी आपकी सभा हो रही है। इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व सीपीएम के विधायक गिरधारी लाल माहिया कर रहे हैं। और तो और संभाग जिसमें चुरू भी शामिल रहा है कुल 24 विधानसभा सीटों में से भाजपा की मात्र 10 ही सीटें हैं। ऐसे में अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा राजस्थान में परचम फहराने की तैयारी किसके बूते कर रही है? बीकानेर संभाग मुख्यालय की सात सीटों में से भाजपा के पास तीन ही सीटें हैं। बीकानेर संभाग में भाजपा की स्थिति आशानुरूप नहीं हैं। इसके जिम्मेदार तो यहीं के नेता है ना । जनता तो मोदी पर न्योछावर है। इसका ये नेता विधानसभा चुनाव की तैयारी में कितना फायदा उठा पाते हैं यह देखने वाली बात है। बेशक केंद्र में मोदी सरकार अच्छा काम कर रही है। सवाल स्थानीय सांसद, विधायक और पार्टी संगठन के नेताओं की राजनीतिक स्किल का है। बताएं जनता उनके रवैए से खुश है?

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