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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निर्वाण दिवस से “स्पर्श” कुष्ठ जागरूकता पखवाड़े का आगाज

– जागरूकता ई-रिक्शा को किया रवाना
बापू का व्यक्तिगत स्वच्छता का पाठ कोरोना वायरस से बचाव में प्रासंगिक: सीएमएचओ

बीकानेर। राष्ट्रपिता माहात्मा गाँधी की पुण्य तिथि पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए शहीद दिवस के साथ-साथ राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण दिवस भी मनाया गया। गुरुवार को स्वास्थ्य भवन प्रांगण में बापू के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर 2 मिनट का मौन रखा गया फिर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कुष्ठ रोग कारण व निवारण विषयक संगोष्ठी के आयोजन के साथ ही “स्पर्श” कुष्ठ रोग जागरूकता पखवाड़े का आगाज किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. मीणा ने कहा कि बापू द्वारा पढाया व्यक्तिगत स्वच्छता का पाठ आज कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू जैसे संक्रमण से बचाव में और भी प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने जानकारी दी कि 13 फरवरी तक चलने वाले ‘‘स्पर्श’’ पखवाड़े में शहर से लेकर गाँव तक विभिन्न जनजागरण व सर्वे गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि कुष्ठ कोई अभिशाप या पिछले जन्म के कर्मो का परिणाम नहीं है बल्कि एक सामान्य जीवाणु (लेप्रा बेसिली) जनित बीमारी है जिसका आसान सा इलाज होता है।

कार्यकारी डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि बहु औषधीय उपचार-एमडीटी (कुष्ठ निवारक औषधी) कुष्ठ की शार्तिया दवा है, जो सभी सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुफ्त में उपलब्ध है। कुष्ठ रोग की शुरूआत में पहचान एवं जाँच करवा ली जावे तथा पूर्ण इलाज लिया जावे तो कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है एवं शारीरिक विकलांगता से बचा जा सकता है। इसका इलाज कुछ मामलों में 6 माह एवं कुछ मामलों में 12 माह का हो सकता है। उन्होंने अपील की कि इस बारे में पूरी सावधानी बरतें और कुष्ठ रोग की जांच कराएं। कुष्ठ रोगियों को हर प्रकार से सहायता करें। कुष्ठ रोग तंत्रिका तंत्र संबंधित बीमारी है समय पर इलाज करवाने से कुष्ठ रोग पूर्णतया ठीक हो जाता है लेकिन यदि इसके उपचार में लापरवाही बरती जाए तो अंग विकृति आ सकती है। 98 प्रतिशत लोग प्राकृतिक रूप से इस बीमारी के प्रति प्रतिरोधक क्षमता रखते है अर्थात मात्र 2 प्रतिशत लोग ही इस बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं।
इस अवसर पर डिप्टी सीएमएचओ (प.क.) डॉ. योगेन्द्र तनेजा, डॉ नवल किशोर गुप्ता, लेखाधिकारी बी.एल. राजपुरोहित, डीपीएम सुशील कुमार, एपिडेमियोलोजिस्ट नीलम प्रताप सिंह, मालकोश आचार्य सहित विभागीय अधिकारीयों व कर्मचारियों ने भी विचार रखे।

पम्फलेट का विमोचन व माइकिंग रिक्शा को दिखाई हरी झंडी
इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ मीणा ने विशेष रूप से तैयार पम्फलेट का विमोचन किया व माइकिंग ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाई जो शहरी क्षेत्र में घूम-घूम कर आमजन को जागरूक करेगा जिले के प्रत्येक खण्ड में भी इसी प्रकार माइकिंग द्वारा आमजन को जागरूक किया जाएगा

युवाओं को किया जागरूक
नेहरू युवा केंद्र द्वारा स्थानीय मोहता भवन में आयोजित युवा सम्मलेन में डीपीएम सुशील कुमार व मालकोश आचार्य द्वारा विद्यार्थियों को कोरोना वायरस संक्रमण व कुष्ठ रोग की पहचान, जांच व उपचार के बारे जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को कुष्ठ रोग उन्मूलन में सहयोग की शपथ भी दिलवाई गई। कार्यक्रम में हरीश बी. शर्मा, जिला समन्वयक रूबी पाल व गणेश तलानियाँ द्वारा युवाओं को संबोधित किया गया।

कैसे पहचाने कुष्ठ रोग ?
आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य ने बताया कि चमड़ी पर चमड़ी के रंग से फीका, एक या एक से अधिक दाग या धब्बे जिसमें सुन्नपन, सूखापन, पसीना न आता हो, खुजली या जलन, चुभन न होती हो तो कुष्ठ रोग हो सकता है। शरीर पर, चेहरे पर भौंहो के उपर कानों के उपर सूजन-गठान, दाने या तेलीय चमक दिखाई पड़े, तो कुष्ठ रोग हो सकता है। हाथ पैर में सुन्नता, सूखापन एवं कमजोरी होने पर भी कुष्ठ की जाँच करवायें।

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