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राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ और तेरापंथ का आत्मीय संबंध पीढियों से : मोहन भागवत 

नागपुर , 27 मार्च। तेरापंथ के आचार्योँ के राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ के सरसंघचालकों के सम्पर्क वर्षों से स्नेहपूर्ण व मधुर रहें हैं जिसकी पुष्टि राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ के मुख्यालय नागपुर में आचार्यश्री महाश्रमण के पधारने से हो गयी। आज शनिवार प्रातः परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमण राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ के स्मृति मंदिर के अवलोकनार्थ पधारे। राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने परिसर के इतिहास आदि के विषय में अवगति प्रस्तुत की। आचार्यश्री ने डाॅ. हेडगेवार और गुरुजी गोलवलकरजी की समाधि स्थल का अवलोकन किया। तत्पश्चात् आचार्यश्री ने महर्षि व्यास सभागृह का भी अवलोकन किया।

स्व. दत्तो पंत ठेंगड़ी सभागृह में करीब नौ बजे से आयोजित कार्यक्रम में सरसंघचालकजी ने आचार्यश्री का स्वागत करते हुए कहा-‘राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ और तेरापंथ का आत्मीय संबंध पीढियों से है। आचार्यश्री महाश्रमणजी मुझ पर अहेतुकी कृपा रखते हैं, इसलिए मैं भी आचार्यश्री के पास बार-बार जाता हूं। महाराष्ट्र में कोरोना की भयावह स्थिति और लोगों के बार-बार मना करने के बावजूद आचार्यश्री ने मेरे निवेदन पर यहां पधारकर इस परिसर को और अधिक पावन कर दिया। आचार्यश्री की इस कृपा से हम अभिभूत हैं, कृतार्थ हैं।’

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