Site icon OmExpress

रीट परीक्षा में राजस्थान सरकार ने लिया बड़ा फैसला

जयपुर। लंबे अरसे से अटकीराजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा(रीट) को लेकर राज्य सरकार ने बड़ाफैसला किया है। प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षाविभाग ने बुधवार को इस परीक्षा के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स जारी किए हैं।

इसमें एसटी एससी, ओबीसी,ईड-ल्यूएस व एमबीसी कैटेगिरी केअयर्थियों को 5 प्रतिशत प्राप्तांकों में छूट देने का निर्णय किया है। जबकि सामान्यवर्ग के अयर्थियों को प्राप्तांको में राहत नहीं दी गई है। इससे पहले रीट परीक्षा में सभी कैटेगरी में न्यूनतम प्राप्तांक 60प्रतिशत अंक थे।

नए आदेश के मुताबिक, रीट परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य किया गया है। इसी तरह, अनुसूचित जनजाति(एसटी) व अनुसूचित जाति (एससी),न्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अतिपिछड़ा वर्ग (एमबीसी), आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग (ईड-ल्यूएस) कैटेगरी के परीक्षाथियों के लिए पास होने के लिए 55 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य कियागया है। इसके अलावा सभी श्रेणी की विधवा, परित्यक्ता महिलाओं तथा भूतपूर्व सैनिकों के लिए 50 प्रतिशत, दिव्यांग श्रेणी में आने वाले सभी अयर्थियों के लिए 40 प्रतिशत और सहरिया जनजाति के लिए सहरिया क्षेत्रों में 36 फीसदी प्राप्तांक लाना अनिवार्य किया है। वहीं,टीएसपी यानी ट्राइबल सब प्लान इलाके के एसटी के लिए 36 प्रतिशत प्राप्तांकअनिवार्य किया है।

प्रमाण पत्र की वैधता 3 वर्ष के लिए निर्धारित की

शिक्षा विभाग ने रीट प्रमाण पत्रों की वैधता 3 वर्ष के लिए निर्धारित की है। पहले छात्रों को उम्मीद थी कि यह प्रमाण पत्र आजीवन वैध रहेगा। शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा आज इस आदेश की ट्वीट करते हुए बताया है कि परीक्षा के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। साथ ही,उन्होंने लिखा है कि बहुत जल्द ही रीटपरीक्षाओं की तारीखों का भी ऐलान कर दिया जाएगा।

Exit mobile version