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रेत के समन्दर में राहत की फुहारों ने दिया सुकून

-:एक दिन के पानी अभियान ने दिलायी समस्याओं से मुक्ति

-:गांव-ढांणियों तक आसान हुई पेयजल की उपलब्धता

जैसलमेर, 8 जून/ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता की जमीनी हकीकत जानने सरहदी रेगिस्तानी जिले जैसलमेर मेंं जिला प्रशासन द्वारा कुछ दिन पूर्व चलाए गए पानी अभियान ने कई गांवों और ढांणियों की अर्से से चली आ रही पानी की समस्या को दूर कर ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पेयजल की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने में आशातीत सफलता हासिल की है।
इस अभियान की बदौलत पूरी की पूरी सरकारी मशीनरी ने अपना एक दिन पेयजल के नाम पर समर्पित करते हुए लू के थपेड़ों के बीच ग्राम्यांचलों और दूरदराज की ढांणियों तक पहुंच कर पेयजल की वर्तमान स्थिति को देखा तथा इसके बारे में ग्रामीणों से फीडबेक लिया।

इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति की जो जानकारी सामने आयी, उसके

आधार पर पेयजल समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाकर ग्रामीणों को राहत का अहसास कराया गया।
जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देश पर गत 28 मई को चलाए गए इस पानी अभियान में प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों की टीमों ने सवेरे से लेकर शाम तक पूरा दिन ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण में बिताया और जगह-जगह पहुंच कर पेयजल प्रबन्धन की वस्तुस्थिति से रूबरू होने के साथ ही ग्रामीणों से भी चर्चा की और जानकारी ली।
इनके साथ जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी एवं अभियन्ता भी थे जिन्होंने पेयजल प्रबन्धन की तकनीकि जानकारी देने के साथ ही पेयजल की समस्याओं के समाधान के लिए व्यवहारिक उपाय और प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया।

-:युद्धस्तर पर हुआ जल समस्याओं का समाधान
एक दिवसीय अभियान में सामने आयी स्थिति और अधिकारियों से प्राप्त फीडबेक के आधार पर जिला कलक्टर नमित मेहता ने जिले की पेयजल समस्याओं का खाका तैयार कर जल्द से जल्द समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान में सामने आयी समस्याओं को तत्काल हल किया जाए।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के साथ ही संबंधित विभागों ने इस दिशा में त्वरित कार्यवाही करते हुए सूचीबद्ध की गई इन पेयजल समस्याओं के निराकरण का बीड़ा उठाया और युद्धस्तर पर इनका समाधान कर ग्रामीणों को राहत का अहसास कराया।

-: जारी रहेंगे इस तरह के अभियान
जिला कलक्टर नमित मेहता ने बताया कि अभियान के तौर पर हुए सघन निरीक्षण से जिले की पेयजल समस्याओं के निवारण में काफी मदद मिली है और ग्राम्यांचलों की समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा आरंभ की गई यह पहल आगे भी जारी रहेगी ताकि समस्याओं की तह तक पहुंच कर इनके शीघ्र समाधान का मार्ग प्रशस्त हो सके।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियन्ता सुरेश चन्द्र जैन के अनुसार पानी अभियान से विभागीय गतिविधियों को सम्बल प्राप्त हुआ है तथा इससे जिले की पेयजल समस्याओं के निस्तारण की दिशा में आशातीत कार्य हुआ है।

-:पेयजल आपूर्ति सेवाओं के हुआ व्यापक सुधार
अधीक्षण अभियन्ता के अनुसार इस अभियान में सामने आयी छोटी-बड़ी कई सारी कमियों को दूर किया जा चुका है। इनमें सियाम्बर, कोरिया, फलेड़ी एवं जाजिया नलकूपों को ठीक कर इनकी पेयजल व्यवस्था में सुधार किया गया है।
इसके अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति सुचारू कर विभिन्न स्थानों पर पाईप लाईन रिपेयर कर पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। नेडान एवं उसकी ढाणियों में पाईप लाईन रिपेयर कर सनावड़ा का बूस्टर रिपेयर कर जलापूर्ति सुचारू की गई है तथा धूड़सर से लवां की पेयजल व्यवस्था सुधारी गई है।

-: गांव-ढाणियों तक पहुंचा जलापूर्ति का लाभ
राजगढ पंचायत मुख्यालय पर स्थित आर.ओ. प्लान्ट चालू है जिसके पानी का उपयोग करने के लिए ग्रामीणों को समझाया गया है। ग्राम भैंसड़ा का सोलर डी.एफ.यू. भी चालू किया गया है। पोकरण-फलसूण्ड परियोजना से लाभान्वित कई गांवों में जलापूर्ति बढ़ाई गई है।
इसके अतिरिक्त कई दूरस्थ ढाणियों एवं गांवों में जहाँ पर अन्य किसी प्रकार की राहत संभव नहीं है वहाँ पेयजल प्रबन्धन के विकल्प के रूप में टैंकरों द्वारा जलापूर्ति नियमित एवं सुचारू की गई है, इससे इन क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। इनसे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 10 हजार से अधिक जनसंख्या को सुचारू जलापूर्ति का लाभ मिला है।

-:ग्रामीणों ने पाया दिली सुकून*
इस अभियान का ये असर हुआ कि पेयजल समस्याओं की जमीनी हकीकत सामने आयी और उनके समाधान की कार्यवाही युद्धस्तर पर की गई जिससे ग्रामीणों को दिली सुकून का अहसास हुआ। इस कार्यवाही में गांवों और ढांणियों के मवेशियों के लिए भी पेयजल और चारे की उपलब्धता को सम्बल प्राप्त हुआ। विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने भी जिला कलक्टर नमित मेहता द्वारा चलाए गए इस अभियान की सराहना की।

-: पशुओं से जुड़ी जरूरतों की भी ली जानकारी
पानी अभियान के दिन प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया और पेयजल से जुड़े प्रबन्धों व पेयजल वितरण गतिविधियों का आकस्मिक निरीक्षण किया तथा समस्याओं तथा समाधान के प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके साथ ही पशुओं के लिए चारे की समस्या और इससे संबंधित जरूरी प्रबन्धों के बारे में भी जानकारी ली। इसी आधार पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पशु शिविर खोले गए।

:- तपती धूप में ली ग्रामीणों की सुध
इस दौरान जिले के 17 वरिष्ठ प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का सघन दौरा किया और भीषण गर्मी के बावजूद जल स्रोतों, जलापूर्ति प्रबन्धन तंत्र, पाईप लाईन्स, पानी की टंकियों की स्थिति, इनकी साफ-सफाई, टंकियों से जल वितरण, ट्यूब वैल्स, हैण्डपम्पों आदि की स्थिति को अपनी आँखों से देखा तथा इसके बारे में वास्तविक जानकारी पायी।

-:ग्रामीणों से चर्चा कर जानी समस्याएं
प्रत्येक अधिकारी ने अपने को आवंटित तीन ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पानी की स्थिति के बारे में जमीनी हकीकत जानी और रिपोर्ट तैयार की। इन सभी अधिकारियों ने जिले की 51 ग्राम पंचायतों में दिन भर भ्रमण कर पेयजल व्यवस्था के बारे में जानकारी ली और ग्रामीणों से फीडबेक भी लिया।
इन अधिकारियों ने न केवल समस्याओं की जानकारी ली बल्कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभागीय अधिकारियों तथा क्षेत्रीय ग्रामीणों से भी इस बात की चर्चा की और समस्याओं के निराकरण के बारे में व्यावहारिक समाधान को लेकर बातचीत भी की। विभिन्न स्थानों पर संचालित आरओ प्लान्ट का भी इन अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
-:पानी के नमूने लेकर कराई जाँच
निरीक्षण अधिकारियों ने पेयजल स्रोतों के नमूने भी लिए और पानी का स्वाद लेकर इसकी गुणवत्ता के बारे में भी निरीक्षण किया। इन अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों की बैठकें भी ली और पेयजल तथा पशु चारे के बारे में चर्चा की।

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