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रोहतक: 1000 मास्क व 110 सैनेटाइजर किए भेंट

-डॉ. संजय तिवारी को चिकित्सकों व कर्मचारियों के लिए
-कांता आलड़िया ने 1000 मास्क व 110 सैनेटाइजर किए भेंट
वैशाली सैनी
रोहतक, 22 अप्रैल। कोरोना महामारी में चिकित्सक, नर्स, सफाई कर्मचारी, सिक्योरिटी गार्ड व अन्य स्टाफ मरीजों एक भगवान के रूप में कार्य कर मरीजों को ठीक कर रहे हैं, ऐसे में हमारा फर्ज बनता है कि अस्पतालों में किसी ना किसी रूप में दान किया जाए ताकि किसी प्रकार की चिकित्सकों को सामान की कमी ना आए।

यह कहना है मिशन एकता स्मीति की प्रदेश अध्यक्ष कांता आलड़िया का। वे बुधवार को पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीच्यूट ऑफ डेंटल साईंसिज में प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी के कार्यालय में डेंटल कालेज के चिकित्सकों व कर्मचारियों के लिए 1000 मास्क व 110 सैनेटाइजर भेंट करने के लिए पहुंची थी।
डैंटल कालेज के प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी को भेंट करते हुए कांता आलडिय़ा व जॉयफिल अस्पताल के निदेशक डॉ. आजाद बुधवार ने कहा कि भविष्य के लिए पीजीआईएमएस को जो भी सहयोग की जरूरत होगी, वे हमेशा उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी दिन रात कालेज के हित में कार्य करते हैं, जिसकी वजह से आज कालेज पूरे देश के टॉप कालेजों में शुमार है।

उनका कहना था कि चिकित्सक, नर्सें, पुलिस कर्मचारी, नगर निगम कर्मचारी, फायर ब्रिगेड का स्टाफ व अन्य मेडिकल स्टाफ अपनी जान को दांव पर लगाकर हमें कोरोना मुक्त करने में लगे हैं, जिसके लिए वें उनका अहसान ताउम्र नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि देश के कोरोना मुक्त होने पर सरकार को इन्हें विशेष रूप से सम्मानित करना चाहिए।
आजाद बुधवार ने कहा कि पीजीआईएमएस के चिकित्सक व अन्य स्टाफ चौबीस घंटे हमारे समाज के लिए कार्य कर रहा है तो ऐसे में हमारा भी फर्ज बनता है कि हम अस्पतालों के लिए आगे आएं और किसी ना किसी रूप में अपना सहयोग दें।
कांता आलडिय़ा ने कहा कि इस मुश्किल की घड़ी में सिर्फ अस्पताल ही खुले हैं, ऐसे में हमारा फर्ज बनता है कि वहां किसी तरह से सहयोग किया जाए।
प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने कांता आलडिय़ा, जायफल अस्पताल के निदेशक डॉ. आजाद बुधवार व उनकी टीम का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने आज यह सामान अस्पताल में दान करके बहुत अच्छा कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में दान करने के लिए सामाजिक संस्थाओं व अन्य सबको आगे आना चाहिए।
डीएमएस डॉ. संदीप ने कहा कि अगर हम इस तरह से अस्पतालों के सहयोग के लिए आगे आएं तो देश किसी भी बीमारी से निपट सकता है क्योंकि अस्पताल का दान सबसे बड़ा दान है, जो सीधा लाचार, गरीब की मदद करता है। इस अवसर पर डॉ. सुधीर, शमशेर बहादुर सैक्सेना कालेज ऑफ लॉ के निदेशक डॉ. रूपेश चौधरी सहित कई चिकित्सक भी उपस्थित थे।

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