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लक्ष्मणगढ़ पालिका चुनाव 21, राजनीति के दो धुरंधर व परम्परागत विरोधी फिर आमने सामने

लक्ष्मणगढ़ पालिकाध्यक्ष पद दोनों के लिये प्रतिष्ठा का प्रश्न।

_एक ओर हैं सूबे के शिक्षा मंत्री व कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकार गोविंद सिंह डोटासरा तो दूसरी ओर लगातार 3 बार विधायक चुनाव में उनको चुनौती देने वाले भाजपा नेता दिनेश जोशी।_

रिपोर्ट -पवन गोयनका

लक्ष्मणगढ़, 1 फरवरी 21।लक्ष्मणगढ़ में पालिका चुनाव 21 में पार्षदों का निर्णय होने के बाद पालिकाध्यक्ष पद के लिये भागमभाग प्रारम्भ हो चुकी है। सभी राजनैतिक दलों व आम जन के बीच पालिकाध्यक्ष पद को लेकर उत्सुकता है, बैचैनी है।
लक्ष्मणगढ़ में पालिकाध्यक्ष पद को लेकर दो परम्परागत राजनैतिक विरोधियों की प्रतिष्ठा दांव पर है।
जनता के फैसले ने दोनों राजनैतिक दलों को 14-14 पार्षद देकर बहुमत के आंकड़े से 7 पार्षद दूर रखा है। शेष 11 निर्दलीयों व 1 माकपा पार्षदों में से कम से कम 7 किस ओर जायेंगे यही तय करेगा कि पालिकाध्यक्ष कौनसे दल से होगा।
भाजपा ने टिकट न मिलने से नाराज निर्दलीय चुनाव लड़े दो विजयी पार्षदों को अपने खेमे में होने का दावा कर अपनी संख्या 16 तक पहुंचने की बात कही है। पर शेष जरूरी 5 पार्षद जुटाना उनके लिये दूर की कौडी लग रहा है। भाजपा खेमे से अभी पालिकाध्यक्ष पद के मुख्यतया 3 दावेदार नजर आ रहे हैं। *सर्वाधिक मतों से जीते पार्षद मधुसूदन दायमा, एडवोकेट ललित पुरोहित व राजकीय सेवा निवृत्त रामावतार पंवार।* प्रश्न यह है कि क्या इनमें से कोई 4 या 5 पार्षद भाजपा के लिये जुटा कर अपने दावे पर मुहर लगा पायेगा ?
दूसरी ओर कांग्रेस के पास 14 पार्षद है व उनका मानना है की उन्होंने रणनीति के तहत कुछ पार्षदों को पार्टी सिंबल नहीं दिया और वे विजयी हो चुके हैं व कांग्रेस के साथ हैं। कुल 11 निर्दलियी पार्षदों में से यदि वास्तव में यह संख्या 7 या इससे ऊपर है तो कांग्रेस का पालिकाध्यक्ष बनने में कोई रोक नहीं है। ऐसे में तीन प्रमुख दावेदार होंगे

बड़ी जीत हासिल कर आये पीसीसी सदस्य बनवारी लाल पांडेय, पूर्व पार्षद व निवर्तमान पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि पवन बूंटोलिया व अल्पसंख्यक कद्दावर नेता मुस्तफा कुरैशी। इनमें राजयोग किस पर मेहरबान होगा यह देखना दिलचस्प रहेगा।
राजनीति में अप्रत्याशित होना कभी भी असंभव नहीं है। इस उहापोह की स्थिति में निर्दलीय पार्षद जीतकर आये पूर्व पालिकाध्यक्ष महाबीर सैनी को भी दावेदारों की सूची से नजर अंदाज नहीं किया जा सकता।
पर इतना तय है कि एक सस्पेंस फ़िल्म की तरह चल रहे इस चलचित्र का समापन दिलचस्प व रोचक होगा।

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