बीकानेर, । आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी समाज द्वारा ऑनलाइन ‘राजस्थानी काव्य-गोष्ठी’ आयोजित की गई। संयोजक कवि-आलोचज डॉ. नीरज दइया ने बताया कि फेसबुक और यूट्यूब पर प्रसारित महिला काव्य-गोष्ठी में राजस्थानी की प्रमुख पांच कवयित्रियों- सुमन बिस्सा (जोधपुर), आशा पांडेय ओझा (उदयपुर), रेणुका व्यास ‘नीलम’ (बीकानेर), कामना राजावत (जयपुर) और सिया चौधरी (सीकर) ने कविता-पाठ किया। नारी विमर्श की कविताओं में राजस्थानी की पांच प्रमुख कवयित्रियों ने महिलाओं की वर्तमान दशा और दिशा के साथ राजस्थान की परंपरा और संस्कृति को कविता का विषय बनया वहीं मन के सुकोमल भावों से संबंधों के बदलते-बिगड़ते गणित पर भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। प्रीत के कारण ही सब संभव है, स्त्रियों को पूरी आजादी और बराबरी की मांग आजादी के अमृत महोत्सब पर इन रचनाओं में देखी गई। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी समाज के फेसबुक और यूट्यूब पेज पर देखा-सुना जा सकता है।

सजीव प्रसारण में साहित्यकार मधु आचार्य आशावादी, मुकुट मणिराज, डॉ. मीनाक्षी बोराणा, संतोष चौधरी, बंसती पंवार, राजेंद्र जोशी, राजाराम स्वर्णकार, चंद्रशेखर जोशी, रमन बिस्सा, रवि पुरोहित, रेखा लोढ़ा, शिव शंकर व्यास, जितेंद्र कुमार सोनी समेत सौ से अधिक लेखकों और राजस्थानी प्रेमियों ने हिस्सा लिया तथा कार्यक्रम को सवा दो सौ से अधिक दर्शक मिले। अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी समाज संयोजक कवि-आलोचज डॉ. नीरज दइया ने बताया कि कल शाम पांच बजे कथापुरुष यादवेंद्र शर्मा ‘चंद्र’ के व्यक्तित्व और कृतित्त्व पर कार्यक्रम होगा जिसमें डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल, फारूक आफरीदी, बुलाकी शर्मा, सत्यदेव सवितेंद्र और राजेंद्र जोशी से संवाद रखा गया है।