टिटौली के राजेश कश्यप निभा रहे हैं महत्वपूर्ण दायित्व
प्रदेश के 10 से अधिक लेखक कर रहें हैं दिन-रात मेहनत
चित्रों, मानचित्रों व दुलर्भ आंकड़ों सहित विद्यार्थियों को पढऩे को मिलेगा प्रदेश का गौरवशाली इतिहास
सरकारी व प्राईवेट स्कूलों में नाम-मात्र मुुल्य पर पुस्तक उपलब्ध करवाएगी राह संस्था
वैशाली सैनी
रोहतक। भले ही लॉकडाउन में दूनियां ठहर सी गई हो, मगर इसी ठहराव के मध्य हरियाणा प्रदेश के एक दर्जन से अधिक नामी लेखक, चित्रकार व डिजाईनर एक ऐसे प्रयोग को अंजाम देेने में लगे हैं, जो कि प्रदेश के अब तक के इतिहास में शायद किसी ने नहीं किया होगा।
जी हां, ये लेखक हरियाणा प्रदेश की
सुनहरी संस्कृति, उपलब्धियों सहित विभिन्न कम्पीटीशनों व स्कृूली पाठ्यक्रम के हिसाब से हरियाणा को जानो नामक पुस्तक को तैयार करने में जुटे हैं। इस टीम में रोहतक के राजेश कश्यप भी विशेष दायित्व निभा रहे हैं।
उनके अनुसार इस पुस्तक में हरियाणा के सक्षिप्त परिचय के अलावा हरियाणवीं स्वर-व्यंजन, राज्य के प्रतीक चिन्हों, पड़ौसी राज्यों, देश के संदर्भ में हरियाणा का स्थान, प्रदेश में प्रथम पुरुष-महिलाओं, प्रदेश के इतिहास, नामकरण/ गठन, वर्तमान शहरों के प्राचीन नाम, भौगोलिक क्षेत्रों के उपनाम, प्राचीन अवशेषों के प्राप्ति स्थल, सीसवाल संस्कृति व सिन्धु घाटी सभ्यता के क्षेत्रों, राज्यों के ऐतिहासिक टीलों, 1857 की क्रांति व स्वतंत्रता प्राप्ति में प्रदेश के योगदानों को शामिल किया गया है।
प्रदेश की पहली रंगीन पुस्तक
हरियाणा प्रदेश के सामान्य ज्ञान से जुड़ी यह पहली पुस्तक होगी, जिसमें रंगीन मानचित्रों के अलावा प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को चित्रों के माध्यम से भी समझाया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी सामाजिक संस्था ने इतनी गहनता से इस प्रकार हरियाणा के इतिहास के उत्थान व विकास के लिए विद्यार्थियों के माध्यम से संस्कृति को नया रुप देने का प्रयास किया गया है।
राह संस्था की हरियाणा को जानो नामक इस पुस्तक में प्रदेश की भौगोलिक संरचना, मिट्टी के प्रकार, कृषि व पशुपालन, सिंचाई व्यवस्था, उत्पादन में जिलावार स्थिति, बागवानी, प्रमुख फल एवं उत्पादन क्षेत्र, प्रमुख सब्जियां एवं उत्पादन क्षेत्र, फ सल मसालों एवं उत्पादन, प्रमुख उद्योग एवं उत्पादन क्षेत्रों, प्रमुख खनिज व उनके प्राप्ति स्थानों, ऊर्जा संसाधन, वन्य सम्पदा, वन्य जीव संरक्षण, हरियाणा के राष्ट्रीय उद्यानों, प्रदेश के संरक्षण रिजर्व, प्रदेश सामुदायिक संरक्षण क्षेत्रों, प्रशासनिक व्यवस्था, कानून व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, रेलवे, मैट्रों परियोजनाओं, वायु परिवहन, नगर निकाय पंचायती राज, नगर निकायों, हरियाणा के पर्यटन स्थलों, वेशभूषा, आभूषण, लोक नृत्यों, हरियाणा में मूर्तिकला, प्रमुख लोकगीत, लोक वाद्य यंत्र, हरियाणा के लोक नाट्य, प्रमुख सांगी एवं उनकी रचनाएं, हरियाणवीं सिनेमा, वालीवुड में हरियाणा, प्रमुख मेले एवं पर्व-उत्सव, खेल-खिलाड़ी, खेल पुरस्कार व सम्मान, राज्य के शिक्षण संस्थानों सहित हरियाणवीं शब्दावली से संबंधित शब्द व भाषा साहित्य की विस्तार से जानकारी प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य की इस पुस्तक के माध्यम से विद्यार्थी विधानसभा, वर्तमान मंत्रीमण्डल, संसद में प्रदेश का प्रतिनिधित्व, हरियाणा के राज्यपाल, हरियाणा के मुख्यमंत्र्यिों, प्रशासनिक संरचना, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के ब्रांड अम्बेसडरों, भूकम्प प्रभावित जोन, पानी की किल्लत वाले जिलों, प्रदेश की जलवायु, वर्षा, तापमान, आद्रर्ता, जिलावार सभी जिलों की विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
मैप से समझ सकेंगे बारिकी
इस पुस्तक में हरियाणा प्रदेश में होने वाली वर्षा, मिट्टी, जलवायु, तापमान, भूकम्प संभावित क्षेत्रों, एन.सी.आर. में शामिल जिलों, ड्रोक जोन में तबदील होते ब्लॉकों, विधानसभा व लोकसभा क्षेत्रों सहित डेढ़ दर्जन से अधिक विषयों को मानचित्रों के साथ दिया गया है। वो भी पूर्णरुप से रंगीन। इससे विद्यार्थी प्रदेश के प्रत्येक जिले व दूसरे गहन विषयों को आसानी से समझ सकेंगे।
नजर आएगा प्रदेश का गौरव
राह संस्था की हरियाणा को जानो नामक इस पुस्तक को किसी कम्पीटिशन में काम आने वाली विश्व स्तरीय मानकों के साथ बीस से अधिक एक्सपर्ट ने तैयार किया है। इस पुस्तक में वर्तमान हरियाणा की उपलब्धियों, महात्मा गांधी की गिरफ्तारी हरियाणा के पलवल जिले में होने, देश के पहले जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना हरियाणा के कलोई झज्जर में होने से लेकर हरियाणा के सेना वीरों व खिलाडिय़ों की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके 80 ऐसे जानकारियां दी गई हैं। जिनमें हरियाणा प्रदेश देश में अव्वल स्थान रखता है।
विद्यार्थियों को होगा बड़ा लाभ:-
इस पुस्तक से जहां विद्यार्थी प्रदेश के इतिहास से रुबरु होंगे, वहीं भविष्य में होने कम्पीटिशन एगजाम में उन्हें इसका सीधा लाभ मिलेगा। इस पुस्तक को वैज्ञानिक सिद्वान्तों के हिसाब से तैयार किया गया है। इससे विद्यार्थियों को बौद्विक विकास भी होगा। साथ ही वे हरियाणवीं शब्दावली व संस्कृति के प्रत्येक पहलूओं को भी नजदीक से जान पाएंगे।