– बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय का वोकल फॉर लोकल विषय राष्ट्रिय पर वेबिनार आयोजित
-मानवीय मूल्य की अवधारणा के साथ देश, समाज, परिवार के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन आवश्यक : कुलपति प्रो.एच.डी.चारण
बीकानेर,। 26 अगस्त को बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय का वोकल फॉर लोकल विषय एक दिवसीय राष्ट्रिय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार के मुख्य अतिथि राज्यपाल महोदय श्री कलराज मिश्र थे एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता गौतम बुद्ध विश्विद्यालय के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए अपने स्वागत उद्बोधन ने कुलपति श्री चारण ने विश्विद्याल दुवारा संचालित मानवीय मूल्यों के कार्यक्रमों पर विस्तृत प्रकाश डाला व कहा की विश्विद्यालय अपने प्रण के साथ 4,000 से अधिक विद्यार्थी अब तक इस प्रशिक्षण का लाभ उठा चुके है। मानवीय मूल्य की अवधारणा के साथ देश, समाज, परिवार के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन आवश्यक है यही भावना हमें हमारे विद्यार्थियों में उत्प्पन करनी ही क्योकि आज का विद्यार्थी ही कल का भविष्य है जोकि राष्ट्र के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने स्वदेशी, स्वावलंबन एवं स्वरोजगार को आत्मनिर्भर भारत के मुख्य स्तम्भ बताया, राष्ट्रिय संस्थानों के साथ विश्वविद्यालय एमओयू के माध्यम से मानवीय मूल्यों के विषय को वृहत स्वरूप में प्रसारित करेगा जिस हेतु संस्कार एवं मूल्य आधरित शिक्षा कार्ययोजन पर विश्विद्यालय लम्बे समय से कार्य कर रहा है, उन्होंने भारत को गाँवों का देश बताते हुए कहा की हमारे गाँव विकसित होंगे तभी हमारा देश भी विकसित होगा व आत्मनिर्भर भारत की मुख्धारा में शामिल होगा। कोविड ने भी लोगो को शहरो से गावों की और मुखर किया है व एक बार पुन: उन्हें अपनी सभ्यता और संस्कृति से जोड़ा है। ग्रामीण विकास आज के समय की महत्वपूर्ण मांग है जिसको राष्ट्रिय निति में शामिल किया जाना आव्यश्यक है। स्वदेश विकास के लिए एक बार पुन: हमें हमारे कुटीर उद्योगों को पुनर्जीवित करने एवं सशक्त उद्योग नीति की आवश्यकता है जो वोकल फॉर लोकल की अवधारणा को मजबूत आधार प्रदान करेगी। ऐसे में माननीय प्रधान मंत्री भारत सरकार दुवारा चलाया गया अभियान वोकल फॉर लोकल सराहनीय है जो देश के विकास को एक नई दशा और दिशा प्रदान करेगा। कृषि आधारित व्यवस्था को यदि हम एक बार पुन: हमारी उद्योग नीतियों में शामिल करते है तो देश वापस से सोने के चिड़िया की परिभाषा की और बढ़ने लगेगा। उन्होंने मुख्य अतिथि राज्यपाल महोदय श्री कलराज मिश्र का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि राज्यपाल महोदय श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि कोविड-19 के इस संकट में स्थानीय वस्तुओं का महत्व सिद्ध हो गया है। स्थानीय लोग ही थे, जिन्होंने इस संकट के दौरान भारत की मांग को स्थानीय मानवश्रम से स्थानीय स्तर पर पूरा किया। अब समय आ गया है कि स्थानीय सामान बनाने वाले लोगों की मदद की जाये। स्थानीय सामान ना केवल खरीदना है, बल्कि उन पर गर्व भी करना है – राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा कि कोविड के इस आपातकाल के दौर ने जीवन के ऎसे मोड़ पर हमे लाकर खड़ा कर दिया है, जिसके बारे में हमने कभी स्वप्न में भी नहीं सोचा था। जीवन की सभी गतिविधियों को रोक दिया है, किन्तु साथ ही एक अवसर भी प्रदान किया है कि हम कुछ गंभीर और महत्वपूर्ण निर्णयों को भी ले पायें। वोकल फॉर लोकल भी एक ऎसा ही कार्य है, जो देश और समय की जरूरत है।
अब स्थानीय उत्पादों के बारे में मुखर होने और इन्हे वैश्विक बनाने में सहायता करने का भी समय आ गया है – राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा कि देश के एक सौ तीस करोड़ देशवासियों का लोकल उत्पादों के प्रति संकल्प व दृढ़ विश्वास से ही लोकल को ग्लोबल बनाया जा सकता है। यह हमारे स्थानीय ब्रांडों को वैश्विक उपस्थिति के लिए भी प्रेरित करेगा। अनेक भारतीय उत्पादों में वास्तव में वैश्विक होने की क्षमता है। यदि भारतीय स्थानीय के लिए मुखर हो जायें तो उत्पाद बनाने वाली देश की सूक्ष्म, लघु और मध्यम कंपनियां विश्व में विशिष्ट पहचान बना लेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 महामारी के इस समय में भारतीय उत्पादन, स्थानीय बाजारों और स्थानीय आपूर्ति की श्रृंखलाओं को महत्वपूर्ण रूप से मान्यता देनी होगी। कोविड-19 ने हमको सिखा दिया है कि भारत का स्थानीय उत्पाद महत्वपूर्ण है। संकट के समय लोगों की मांग वास्तव में स्थानीय स्तर पर ही पूरी हुई थी।
लोकल को ग्लोबल बनाने की अवधारणा भारतीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी – श्री मिश्र ने कहा कि वोकल फॉर लोकल के इस अभियान से देश की कम्पनियों में गर्व की भावना मजबूत होगी तथा बेहतर उत्पाद बनाने की तरफ भी देश की निर्माता कम्पनियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह अवधारणा भारतीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी। वर्तमान आर्थिक संकट को दूर करने के लिए भारी निवेश की आवश्यकता है। इसलिए भारतीय उत्पादों को खरीदने से भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत अधिक बढ़ावा मिलेगा। यह अभियान देश के लिए बहुत आवश्यक है। भारत दुनिया में सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है – राज्यपाल श्री मिश्र ने कहा कि कोविड काल ने हमें यह सिखाया है कि आपात स्थिति में देश में बनी वस्तु ही देश की जरूरत को पूरा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि अर्थ व्यवस्था की मजबूती के लिए स्थानीय मेडिकल पर विचार करने का अब समय आ गया है।
स्थानीय स्तर पर बन सकने वाली वस्तुओं को बाहर से मंगाने के लिए संसाधनों का इस्तेमाल ना केवल दुरुपयोग है बल्कि इससे स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर भी कम होते हैं। आज आवश्यकता है कि देश का मजदूर जो सकंट की घड़ी में गाँव वापिस लौटा है, उसे आत्मर्निभर बनाने के लिए कृषि, लघु उद्योग, हाथकरघा उद्योग धन्धों से जोडें – राज्यपाल ने कहा कि देश में प्रतिभा और हुनर की कमी नहीं है, देश के नागरिकों ने हर स्तर पर यह सिद्ध कर दिया है, किन्तु धीरे-धीरे उचित अवसरों की कमी के कारण प्रतिभाएं देश के बाहर जाने को मजबूर होती चली गई। अब पुनः एक बार ऎसा समय आ गया है कि जिसमें हम ऎसे अवसर बना सकते हैं कि जिससे देश में शोध व विकास मजबूत हो तथा अपनी जरूरत की सभी चीजें हम स्वयं बनाने में सक्षम हो सके। यह हमारे देश की युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ायेगा और हमारी सोच को भी वोकल फॉर लोकल बनायेगा। देश में इस तरह का आंदोलन चलाये जाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वेबिनार को नोएडा के गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने भी संबोधित किया उन्होंने कहा की 30 वर्षो पूर्व उदारीकरण नीति एवं ग्लोब्लाईजेशन पर विस्तृत प्रकाश डाला।उन्होंने विश्व के देशो का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा की स्थानीय उत्पादों को बढावे से हे आज उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा की स्थानीय बाजारों के उत्पाद ग्लोबल स्तर के होने चाहिए तभी वह वैश्विक प्रतिस्पर्धा का कड़ा मुकाबला कर पायेंगे। ग्लोब्लाईजेशन के दौर ने भारतीय उत्पादों को कड़ी चुनौती प्रदान की है। विदेशी कम्पनियों पर निर्भर नहीं होकर भारतीय उद्योगों को स्वयं के संसाधन विकसित करने होंगे तभी वे आत्मनिर्भरता की और कदम बढ़ा सकेंगे।
अधिष्ठाता, ह्यूमन वेल्यू डॉ अल्का स्वामी ने राज्यपाल महोदय एवं अथितियो के स्वागत के साथ सम्पूर्ण वेबिनार का सफल संचालन किया एवं वेबिनार की जानकारी बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एच.डी. चारण ने दी। अकादमिक निदेशक डॉ. वाई एन सिंह ने अंत में आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर बीटीयू खोज प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ ममता शर्मा पारिक ,राज्यपाल के सचिव श्री सुबीर कुमार और प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्दराम जायसवाल भी मौजूद थे।
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