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वर्तमान परिपेक्ष्य में स्वदेशी की भावना एवं विचार सर्वाधिक प्रासंगिक : सतीश कुमार

बीकानेर। स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय विचार विभाग प्रमुख एवं उत्तर क्षेत्र, राजस्थान व मध्यप्रदेश क्षेत्र संगठक सतीश कुमार रविवार को बीकानेर प्रवास पर रहे। उन्होंने आनंद निकेतन में ‘आज के दौर में स्वदेशी की आवश्यकताÓ विषय पर आयोजित विचार संगोष्ठी में भाग लिया।

मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में स्वदेशी की भावना और विचार सर्वाधिक प्रासंगिक हैं। आज प्रत्येक भारतीय को स्वदेशी की ओर बढऩा चाहिए। देश की आर्थिक मजबूती के लिए इस विचारधारा को पल्लवित और पोषित करने की जरूरत है। उन्होंने रोजगार की कमी को ज्वलंत समस्या बताया तथा कहा कि मंच इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक पाठ्यक्रम लागू किए जाएं, इसके प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी की अवधारणा देश की प्रगति से जुड़ी है। गांव सशक्त होंगे तो देश भी विकास के पथ पर अग्रसर होगा।


बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हाकमदान चारण ने कहा कि आज टेक्नो नेशनलिज्म की ओर बढऩे की जरूरत है। युवा अपने संस्कारों को न भूले लेकिन तकनीकी रूप से समृद्ध और सशक्त होते हुए देश को आगे बढ़ाने में मदद करें। उन्होंने स्वदेश भावना को देश की आत्मा बताया तथा कहा कि देश और देशी वस्तुओं, परम्पराओं और सभ्यता से लगाव होना चाहिए।

इससे पहले अतिथियों ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। मंच के प्रांत सहसंयोजक अनिल शुक्ला ने मंच की गतिविधियों के बारे में बताया तथा स्वागत उद्बोधन दिया। महानगर संयोजक अशोक जोशी ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन श्रवण राइका ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक प्रशांत कुमार, मंच के जिला संयोजक पूनम राइका, परमेश अग्रवाल, गोरधन सारस्वत, मधुसूदन व्यास आदि मौजूद रहे।

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