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विमर्श -सरकारी उपलब्धियों की प्रदर्शनी सच या जनसमस्याओं के प्रमाण पुख्ता : हेम शर्मा


राज्य सरकार के वर्तमान कार्यकाल के चार वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित विकास प्रदर्शनी में दिखाई जा रही विकास उपलब्धियों सच है या जो प्रमाण के रूप में बीकानेर की जनता भुगत रही समस्याएं सच है ? प्रभारी सचिव आलोक गुप्ता साहब आप निष्पक्ष आकलन कर लें। मंत्रियों के तो राजनीतिक आईने लगे हैं उनको वो ही दिखाई देता है जो उनके राजनीतिक हित में है और वोट बैंक है। जनता की पीड़ा देखने की संवेदना खत्म हो गई है।

आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग मंत्री गोविंद राम मेघवाल और ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी प्रभारी सचिव आलोक गुप्ता, संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर व्यवस्थाओं से जुड़े हैं उनके संज्ञान में होगा ही की अवैध खनन से राजस्व की हानि हो रही है।इंदिरा गांधी नहर का द्वितीय चरण को हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल रहा है। श्रीकोलायत उपनिवेशन क्षेत्र में पुख्ता आवंटन की कार्रवाई नहीं हो रही है। आवंटन के लिए फरवरी 2022 में कमेटी घोषित कर दी गई है। कमेटी की मीटिंग नहीं होने से सैकड़ों काश्तकारों को खातेदारी सनद नहीं मिल रही है। इससे सरकार की साख पर उल्टा असर जा रहा है। कर्ज माफी वाले किसानों को बैंकों ने डिफाल्टर घोषित कर दिया है । यह समस्याएं प्रदर्शनी की उपलब्धियों में नहीं दर्शाई गई है। उपलब्धियों का ढिढौरा समस्याओं के ढोल के सामने फीका है। बशर्त कोई सुने और पीड़ित के दर्द को जाने और राहत दें तब ना। अभी बाजी सत्तासीन लोगों के हाथों में है। प्रशासन उनके इशारों के बाहर नहीं जाता। जनता रो रही है क्या यह प्रदर्शनी से बड़ा सच नहीं है। तो जानिए रिकार्ड संभालिए। कर्ज माफी वाले किसानों को डिफाल्टर किया गया है। ऐसे किसानों को फिर कर्ज नहीं मिलेगा। किसानों को डिफाल्टर की मार्किंग हटाए जाए। किसानों को नहरों का पानी पूरा दिया जाए । प्रभारी सचिव महोदय प्रदर्शनी लगाई ही सरकार को अच्छा दिखाने के लिए है। इसका दूसरा पहलू लालगढ़ रेलवे स्टेशन का पुल पांच से निर्माणाधीन ही चल रहा ही। काम की गति धीमी होना भी जीवंत प्रदर्शनी है। सूरसागर की समस्या यथावत है। यह राज्य सरकार की उपलब्धियों का बीकानेर शहर के बीचों बीच बड़ा होर्डिग है देखते जाएगा। उपलब्धियों की प्रदर्शनी में नगर निगम व न्यास आवासीय पट्टे नहीं बना पाना भी है। उपनिवेशन विभाग के काश्तकारों को खातेदारी नहीं दी जा रही है। खातेदारी देने के लिए गठित कमेटी की बैठक ही नहीं हो रही है। बैठक बुलाकर खातेदारी नहीं दिया जाना सरकार के संवेदनशील होने का पुख्ता प्रमाण है।मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में लाना मत भूलना। पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में सीवरेज तकनीकी रूप से अभी दिक्कत दे रही इसकी सुध लेने वाला नहीं है। पूर्व विधानसभा क्षेत्र में 45 साल जब कांता खतुरिया विधायक थी। तब बड़े इलाके में सिवरेज डाली गई । हनुमान हाथ, माजी बास, पुरानी गिनानी, इंदिरा कॉलोनी आदि। अब जजर्र हो गई है। सिवरेज लीकेज से बीमारियों का खतरा है। यह बात सही है कि सरकार ने चिकित्सा, शिक्षा, सड़क निर्माण और अन्य आधारभूत विकास के अच्छे काम हुए हैं। गरीब को सरकार ने पूरा संबल दिया है। योजनाओं का लाभ आम लोगों को मिल रहा है। प्रदर्शनी के दूसरे पहलुओं की अनदेखी सारे किए कराए पर पानी फेर देगी।

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