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व्यवहारिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कार परक शिक्षा भी जरूरी : निराले बाबा

बीकानेर – को राष्ट्रसंत, डाक्टर,आचार्य प्रवर श्री दिव्यानंद सूरीश्वर महाराज साहब (निराले बाबा) के पावन सानिध्य में
व्यवहारिक शिक्षा के साथ धार्मिक संस्कार जरूरी संगोष्ठी सिपाणी जैन भवन में किया गया।
इस अवसर पर दिव्यानंद सूरीश्वर महाराज साहब (निराले बाबा) ने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा की आज के इस युग में व्यवहारिक शिक्षा के साथ साथ धार्मिक संस्कारो की अत्यधिक जरूरत है। इस युग में युवा वर्ग, बच्चे डिग्रिया तो बहुत हासिल कर रहे है परन्तु धार्मिक संस्कारो का अभाव है। आज का पढ़ा लिखा युवक माता पिता अपने परिवार के बड़े बुजुर्गो का सम्मान कम करता है और अपमान करते हुए सैकेंड भी नहीं लगाता ।
इसलिए प्रत्येक शिक्षण संस्थान को इस तरफ अवश्यमेव चिन्तन करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विनोद सिपाणी का विशेष सम्मान अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर बीकानेर के अन्य शहरो के गुरू भक्त भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इसके अलावा अनेकानेक गुरू भक्त मौजूद थे।
इससे पूर्व शिखर चंद सिपाणी के निवास स्थान पर भक्तामर स्तोत्र पाठ का परायण सुसम्मपन्न हुआ।

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