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व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है, लोगों की प्राइवेसी से खिलवाड़

– नए डिजिटल नियमों के खिलाफ व्हाट्सएप हाईकोर्ट पहुंचा

नई दिल्ली,(दिनेश शर्मा “अधिकारी”)। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन से परेशान व्हाट्सएप ने दिल्ली हाईकोर्ट में गुहार लगाते हुए कोर्ट को बताया कि सरकार के नए नियमों की पालना करने के लिए व्हाट्सएप को एन्क्रिप्शन को तोड़ना पड़ेगा, ऐसा करने पर हमारे यूजर्स की प्राईवेसी खत्म हो जाएगी। चूंकि व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है, इसलिए ऐसा करने से लोगों की प्राइवेसी से खिलवाड़ होगा।

व्हाट्सएप ने आज दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि भारत सरकार बुधवार से लागू होने वाली अपनी नई पॉलिसी पर रोक लगाए, क्योंकि इससे हमारे यूजर्स की प्राइवेसी खत्म हो रही है। व्हाट्सएप ने दिल्ली हाई कोर्ट से अपील की है कि सोशल मीडिया को लेकर भारत सरकार की नई गाइडलाइन भारत के संविधान के मुताबिक यूजर्स की प्राइवेसी के अधिकारों का उल्लंघन करती है, क्योंकि नई गाइडलाइन के मुताबिक सोशल मीडिया कंपनियों को उस यूजर्स की पहचान बतानी होगी जिसने सबसे पहले किसी मैसेज को पोस्ट या शेयर किया है साथ ही शिकायत के 24 घंटे के भीतर सोशल प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक कंटेंट को हटाना होगा।

व्हाट्सएप ने साफतौर पर कहा है कि यदि कुछ भी गलत होता है वह सरकार की शिकायत के बाद अपने नियमों के मुताबिक उस यूजर पर कार्रवाई करेगा। ज्ञात रहे कि भारत में व्हाट्सएप के करीब 55 करोड़ यूजर्स हैं। गौरतलब है कि सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के तैयार किए गए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में कहा था कि यह नाकाफी है। कोर्ट ने अपने एक बयान में कहा कि ओटीटी और सोशल मीडिया के लिए बनाए गए नए नियम फिलहाल बिना दांत और नाखून वाले शेर की तरह हैं, क्योंकि इसमें किसी प्रकार के दंड या जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने नए नियम पर कोर्ट की टिप्पणी पर सहमति जताई और कहा कि नए नियम ओटीटी प्लेटफॉर्म को आत्मनियंत्रण का मौका देने के मकसद से बनाए गए हैं, लेकिन यह भी तर्क सही है कि बिना जुर्माना और दंड के प्रावधान के नियम का कोई मतलब नहीं है और यह दंतहीन है।

आपको बता दें कि फरवरी 2021 में सरकार ने सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए नई गाइडलाइन जारी की थी जिसे लागू करने के लिए इन कंपनियों को 90 दिनों का वक्त दिया था, जिसकी डेडलाइन आज यानी 26 मई को खत्म हो रही है। सरकार की नई सोशल मीडिया गाइडलाइंस में साफ लिखा गया है कि देश में सोशल मीडिया कंपनियों को कारोबार की छूट है , लेकिन इस प्लेटफॉर्म के हो रहे दुरुपयोग को रोकना भी सरकार के लिए जरूरी है।

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