मुंबई मुख्यालय वाली शंकेश ज्वेलर्स लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को खुलने जा रहा है। एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख सोमवार, 17 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, जबकि आईपीओ गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को बंद होगा।
आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 88 से 93 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य 5 रुपये है। निवेशक न्यूनतम 160 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 160 शेयरों के गुणक में बोली लगानी होगी।
आईपीओ में 2,94,82,000 तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जिनकी कुल कीमत 2,742 मिलियन रुपये (274.20 करोड़ रुपये) तक होगी। इसके अलावा 1,00,00,000 तक इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) की जाएगी, जिसकी कुल कीमत 930 मिलियन रुपये (93 करोड़ रुपये) तक होगी। ओएफएस के तहत बिक्री करने वाले शेयरधारकों में श्री कांतिलाल खीमराम जैन 48,00,000 तक इक्विटी शेयर और श्री मनोज कांतिलाल जैन 52,00,000 तक इक्विटी शेयर बेचेंगे। दोनों को सामूहिक रूप से ‘प्रवर्तक बिक्री शेयरधारक’ कहा गया है।
शंकेश ज्वेलर्स मुंबई मुख्यालय वाली बी2बी आभूषण कंपनी है। कंपनी देशभर के ग्राहकों के लिए हस्तनिर्मित सोने के आभूषण और कस्टमाइजेशन सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी डिजाइन, इन्वेंटरी प्रबंधन और तैयार आभूषणों की आपूर्ति तक की प्रक्रिया में प्रमुख ठेकेदार के रूप में काम करती है। तैयार आभूषण सीधे ग्राहकों को पहुंचाए जाते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया में गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध सेवा सुनिश्चित होती है।
कंपनी को हस्तनिर्मित आभूषणों के कारोबार में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। शंकेश ज्वेलर्स का देशभर में बी2बी ग्राहक आधार है, जिसमें स्थापित कॉरपोरेट और गैर-कॉरपोरेट आभूषण कारोबारी शामिल हैं।
कंपनी के ग्राहकों में जोयालुक्कास, पीएन गाडगिल एंड संस, कल्याण ज्वेलर्स, पीएन गाडगिल ज्वेलर्स, मनोज वैभव जेम्स ‘एन’ ज्वेलर्स, नोवेल ज्वेल्स (आदित्य बिड़ला समूह), भीमा ज्वेलरी मदुरै, हरि प्रसाद गोपी कृष्ण सराफ प्राइवेट लिमिटेड, डीपी आभूषण, वैश्याराजू ज्वेलर्स, गजानंद ज्वेलरी मार्ट, अरुंधति ज्वेलर्स, वर्मा ज्वेलर्स और शाम ज्वेलर्स समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं।
शंकेश ज्वेलर्स ने परिचालन से होने वाले राजस्व और लाभ में लगातार वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2026, 2025 और 2024 में कंपनी ने क्रमशः 418, 457 और 448 ग्राहकों को सेवाएं दीं। इसी अवधि में परिचालन से राजस्व क्रमशः 16,307 मिलियन रुपये, 14,038 मिलियन रुपये और 10,617 मिलियन रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 में राजस्व में सालाना आधार पर 16.17 फीसदी, जबकि वित्त वर्ष 2025 में 32.21 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
ऑफर
यह आईपीओ एससीआरआर के नियम 19(2)(बी) और सेबी आईसीडीआर नियमों के विनियम 31 के तहत लाया जा रहा है। आईपीओ बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से होगा। सेबी आईसीडीआर नियमों के अनुसार, आईपीओ का अधिकतम 50 फीसदी हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी, बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (बीआरएलएम) से परामर्श के बाद, क्यूआईबी हिस्से के 60 फीसदी तक हिस्से को एंकर निवेशकों के लिए विवेकाधीन आधार पर आवंटित कर सकती है। एंकर निवेशक हिस्से में कम से कम 40 फीसदी हिस्सा घरेलू म्यूचुअल फंड, जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों के लिए निर्धारित रहेगा। इसमें एंकर निवेशक हिस्से का 33.33 फीसदी घरेलू म्यूचुअल फंड और 6.67 फीसदी जीवन बीमा कंपनियों व पेंशन फंडों के लिए आरक्षित होगा। एंकर निवेशक हिस्से में कम सदस्यता या आवंटन नहीं होने की स्थिति में बचने वाले शेयरों को शेष क्यूआईबी हिस्से में जोड़ा जाएगा। शेष क्यूआईबी हिस्से का 5 फीसदी केवल म्यूचुअल फंडों के लिए आनुपातिक आधार पर उपलब्ध होगा, जबकि बाकी हिस्सा सभी पात्र क्यूआईबी बोलीदाताओं के लिए उपलब्ध होगा। आईपीओ का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए उपलब्ध होगा। इसमें एक-तिहाई हिस्सा 2 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक के आवेदन आकार वाले निवेशकों तथा दो-तिहाई हिस्सा 10 लाख रुपये से अधिक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। इसके अलावा, आईपीओ का कम से कम 35 फीसदी हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईबी) के लिए आरक्षित रहेगा। इन सभी आवंटनों के लिए वैध बोली का ऑफर मूल्य या उससे अधिक होना जरूरी होगा। एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी संभावित निवेशकों के लिए आईपीओ में भाग लेने के लिए एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट (एएसबीए) प्रक्रिया का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। इसके तहत निवेशकों को अपने बैंक खाते का विवरण देना होगा। यूपीआई के जरिए आवेदन करने वाले निवेशकों को अपना यूपीआई आईडी भी देना होगा। बोली की राशि संबंधित सेल्फ सर्टिफाइड सिंडिकेट बैंकों (एससीएसबी) या प्रायोजक बैंकों द्वारा खाते में ब्लॉक की जाएगी। एंकर निवेशक एंकर निवेशक हिस्से के लिए एएसबीए प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन नहीं कर सकेंगे।

