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शराब दुकानों पर पोस मशीनें लगाने का नियम भी बनाया

जयपुर।आबकारी विभाग ने इस वित्त वर्ष की आबकारी एवं मद्यसंयम नीति में पारदर्शिता लाने के लिए कई नवाचार लागू करने की बात कही थी.इसी में एक सबसे महत्वपूर्ण बात थी प्रत्येक मदिरा उत्पाद खरीद पर बिल जारी करने की. आबकारी विभाग ने मदिरा उत्पादों के बिल जारी करने के लिए शराब दुकानों पर पोस मशीनें लगाने का नियम भी बना दिया है, लेकिन पालना अभी तक नहीं हो रही है ।

पोस मशीन और बिलिंग सिस्टम को लागू करने के लिए आबकारी विभाग ने अगस्त माह की डेटलाइन तय की थी. इसके तहत प्रत्येक शराब दुकान पर पोस मशीन इंस्टॉल की जानी थी. इस मशीन से हरेक उपभोक्ता को बिल जारी करने के निर्देश दिए गए थे. आबकारी आयुक्त डॉ. जोगाराम ने जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में निर्देश जारी किए थे कि अगस्त माह से प्रदेशभर की 7 हजार से ज्यादा शराब दुकानों पर ये मशीनें लगाकर इन्हें आबकारी विभाग के सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाए. लेकिन अभी तक प्रदेशभर में बहुत कम शराब दुकानों पर ये मशीनें लगाई जा सकी हैं ।

आबकारी आयुक्त डॉ. जोगाराम ने अब इसकी प्रगति की समीक्षा की है तो पाया गया कि पोस मशीन लगाने की प्रगति नगण्य है. मशीनें नहीं लगे होने से उपभोक्ताओं को मदिरा उत्पादों के बिल भी नहीं दिए जा रहे हैं. बड़ी बात यह भी है कि जिन शराब दुकानों पर पोस मशीनें लगाई गई हैं, वहां मशीनें मानकों के अनुरूप नहीं लगाने से आबकारी विभाग के साथ डेटा ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है. कई जिलों में मदिरा दुकानों पर पोस मशीनें मानक अनुरूप नहीं होने से IEMS पोर्टल पर डेटा ट्रांसफर नहीं हो रहा है. इससे शराब दुकानों पर मौजूद स्टॉक और बिक्री का रिकॉर्ड ऑनलाइन चैक नहीं हो पा रहा है._

– मदिरा दुकानों पर पोस मशीनों की क्या है स्थिति ?
– 15 जिले ऐसे, जहां एक भी शराब दुकान पर लिंग नहीं
– बाड़मेर, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, डूंगरपुर, हनुमानगढ़,_
– जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, पाली, राजसमंद
– और श्रीगंगानगर जिलों में किसी भी दुकान पर नहीं लगी पोस मशीन
_- इस कारण इन जिलों में शराब खरीददारों को नहीं दिए जा रहे बिल
– प्रदेश में कुल करीब 7500 शराब दुकानें हैं संचालित
– इनमें से महज 436 शराब दुकानों में ही लग सकी पोस मशीनें
– यानी अभी तक महज 6 फीसदी दुकानों पर ही लग सकी हैं मशीनें_
– 2 जिले ऐसे, जहां केवल एक-एक दुकान पर लगी हैं मशीनें
_- बांसवाड़ा और करौली में केवल एक-एक दुकान पर लगी पोस मशीनें_
_- 4 जिलों में 2-2 दुकानों पर लगाई गई पोस मशीनें_
_- बांरा, चूरू, जयपुर ग्रामीण और प्रतापगढ़ में 2-2 दुकानों पर मशीनें_
_- कोटा में 3, सीकर में 4, भरतपुर में 6 और टोंक में 9 पोस मशीनें लगी_

शराब दुकानों पर पोस मशीनें लगाने के मामले में जयपुर शहर सबसे आगे है. यहां करीब 60 फीसदी शराब दुकानों पर पोस मशीनें लगाई जा चुकी हैं. शहर की 390 में से 233 शराब दुकानों पर पोस मशीनें लगाई गई हैं. इसके बाद अलवर में 43, अजमेर में 27, सिरोही में 21, सवाईमाधोपुर में 21, दौसा में 18, नागौर में 17, उदयपुर में 13 और भीलवाड़ा में 11 शराब दुकानों पर पोस मशीनें लगाई गई हैं.

पोस मशीनों को लगाने की धीमी गति और उपभोक्ताओं को बिल नहीं मिलने की शिकायतों के बीच आबकारी आयुक्त डॉ. जोगाराम ने सख्ती दिखाई है. डॉ. जोगाराम ने सभी जिला आबकारी अधिकारियों को लापरवाही बरतने पर सख्ती से कार्यवाही की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि पोस मशीनें लगाने में जो जिला आबकारी अधिकारी कोताही करेंगे, उनके खिलाफ 17 सीसीए नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी. कुलमिलाकर देखना होगा कि आबकारी विभाग के इन कागजी आदेशों पर फील्ड में कितना अमल हो पाता है

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