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शाहजहांपुर-खेड़ा बोर्डर मोर्चे पर किसानों ने भरपूर जोशो-खरोश के साथ आंदोलन की वर्षगांठ मनाई।

नई दिल्ली,(दिनेश शर्मा”अधिकारी”)। संयुक्त किसान मोर्चा के शाहजहांपुर खेड़ा बोर्डर पर मोर्चा के एक साल पूरे होने पर विशाल आमसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सबसे पहले शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रृद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर शाहजहांपुर-खेड़ा बोर्डर पर शहीदों की शहादत को सलाम करते हुये किसानों ने यह संकल्प लिया कि जब तक संसद द्वारा विधिवत तीनों काले कानून वापस लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी के लिए कानून नहीं बनेगा तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इसके अलावा भी जो अन्य मांगें संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सरकार के सामने रखी गई हैं उनको भी सरकार को पूरा करना होगा,यह आंदोलन तभी अपनी मंजिल तक पहुंचेगा। इस अवसर पर आयोजित सभा को अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का.अमराराम, किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव एन.के.शुक्ला,जीकेएस के नेता रणजीत राजू, अखिल भारतीय किसान सभा के राज्याध्यक्ष पेमाराम और सचिव छगन चौधरी,इंद्राज सिंह,गुरुचरण मोड, नारायण डूडी वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए आंदोलन को मांगें पूरी होने तक जारी रखने का संकल्प किया। आज की आम सभा में हजारों की संख्या में किसानों-मजदूरों ने भाग लिया। सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कल 27- नवम्बर को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में आंदोलन के बारे में जो भी फैसला किया जायेगा उसके अनुसार आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राजस्थान में संयुक्त किसान मोर्चा के भावी कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए सभा मेंं एलान किया गया कि दिसंबर माह में किसान आन्दोलन के ऐतिहासिक जुझारू किसान आन्दोलन को सफलतापूर्वक एक साल तक सफलतापूर्वक चलते हुए भाजपा-आरएसएस की मोदी सरकार को झुकने पर मजबूर करने के लिए गांव गांव में किसानों, मज़दूरों और आम जनता को धन्यवाद ज्ञापित किया जाएगा। इसके साथ ही आंदोलन के बाकी बची मांगों के पूरे होने तक संघर्ष जारी रखने के साथ ही राज्य में किसानों की सम्पूर्ण क़र्ज़ माफी, पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स कम करने, गैस सिलेंडर के दाम, बिजली कंपनियों की बिजली की दरों के नाम पर भारी लूट,बेरोजगारी आदि मुद्दों को लेकर राजस्थान में आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। सभा के दौरान जनकवि सुल्तान सुन्डा ने जनगीत सुनाते,गुरुलाभ सिंह ने कविता सुनाई और दौसा की जगन मेड़िया पार्टी ने दंगल के माध्यम से किसानों के आंदोलन को सुर प्रदान करने का काम किया।

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