बलेश्वर/ सूरत । कोरोना महामारी के दौरान देश भर में व्याप्त श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमण संघ के साधु साध्वी, श्रावक श्राविका वर्ग के लिए बलेश्वर, सूरत (गुजरात) में विराजित श्रमण संघ के महामहिम श्रमण संघीय चतुर्थ पट्टधर, ध्यानयोगी, आत्मज्ञानी परम पूज्य डॉ. श्री शिवमुनिजी महाराज ने कोरोना महामारी के बढ़ती स्तिथि को ध्यान में रखते हुए आध्यात्मिक संदेश श्रमण संघीय चतुर्विध संघ को दिशा बोध संदेश फ़रमाया।

आचार्य श्री शिव मुनिजी महाराज ने अपने आध्यात्मिक संदेश श्रमण संघीय विज्ञप्ति द्वारा फ़रमाया कि यह संसार अनादि काल से चल रहा है, और चलता रहेगा। इसे तीर्थंकर भी परिवर्तित करने का प्रयास नहीं करते। वे निज जीव का कल्याण कर जीव मात्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं, वे कर्म सिद्धांत को अपने जीवन में जीते हैं और तीनों काल एवं तीनों लोक को जानकर दृष्टा रहते हैं। वे कोई भी प्रतिक्रिया नहीं करते।

शिवाचार्य श्री जी ने यह वर्ष अध्यात्म वर्ष घोषित किया है। अतः हम स्वयं इस आध्यात्मिक साधना में संलग्न है। चतुर्विध संघ से अनुरोध है ये समय आप सभी के आध्यात्मिक साधना के समुत्कर्ष का है। अतः इस अवसर पर निश्चय धर्म को महत्व देकर कर्म सिद्धांत को आधार बनाकर अपनी वीतराग साधना को आगे बढ़ाया जाएं।

शिवाचार्य श्री जी ने फ़रमाया वर्तमान में व्यवहार धर्म को ध्यान में रखकर, वैश्विक रूप से कोरोना महामारी की दूसरी लहर पिछले वर्ष से ज्यादा भयंकर रूप दिखाते हुए संपूर्ण भारतवर्ष में फैल गई है, प्रतिदिन संघ समाज के अंतर्गत साधु-साध्वीयों और श्रावक श्राविकाओं कि इस महामारी से संक्रमित होने एवं भव परिवर्तन हो जाने के समाचार प्राप्त हो रहे हैं। क्योंकि अब केंद्र और राज्यों की प्रशासनिक इकाइयां इस महामारी के दौरान इसकी व्यापकता के दृष्टिगत इससे निजात पाने में कमतर पड़ रही है। श्रमण संघ के प्रति निष्ठावान अनेकों वरिष्ठ श्रावकों से भी निवेदन एक सार्वजनिक निर्देश पत्र जारी किए जाने के लिए आया है, तो आवश्यक हो गया है की संघ स्तर पर कुछ विशेष निर्देश जारी किए जाएं।

आपने अपने विज्ञप्ति में फ़रमाया कि:
1. अपने कर्त्तव्य अनुसार सभी साधु-साध्वी, श्रावक-श्राविकाओं को निर्देश है कि आप व्यवहार के नाम पर अत्यधिक विचरण को विराम देकर एक जगह पर रुक जाएं और आध्यात्मिक साधना में संलग्न हो जाए।

2. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जन्म जयन्ति, पुण्यतिथि, दीक्षा जयन्ति आदि सभी धार्मिक कार्यक्रम चतुर्विध संघ तत्काल प्रभाव से स्थगित करें। कोई भी इस कोरोना काल में इस प्रकार के कार्यक्रम न संघ में करें, न हीं सोशल मीडिया के माध्यम से करें। आप सभी एकांत मौन ध्यान साधना करें।

3. हमने अपनी नेश्राय के सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं जैसे – अक्षय तृतीया, दीक्षा स्वर्ण जयंती कार्यक्रम एवं चातुर्मास स्थल भी परिवर्तित कर दिया है। आप सभी से अनुरोध है कि ऐसे कोई कार्यक्रम आप अपने वहां पर आयोजित ना करें।

4. जो साधु साध्वियां विहार में हैं वे सभी सुरक्षित जगह पर पहुंचकर अपनी साधना में संलग्न हो जाएं। चातुर्मास स्थल दूर है, पहुंचने की संभावना नहीं है तो उसे परिवर्तित कर दें, ताकि उन क्षेत्रों में अन्य साधु साध्वियों का चातुर्मास हो सके। जिन्हें कठिनाई नहीं है वे उन क्षेत्रों के नजदीक पहुंच जाएं।

5. श्रमण संघनिष्ट सभी श्री संघों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया जाता है कि वह अपने आसपास में प्रवास कर रहे साधु साध्वियों से संपर्क साध कर (जिनका घोषित चातुर्मास स्थलों पर पहुंचना संभव नहीं हो) उनके चातुर्मास अपने यहां कराएं जाने का विशेष प्रयत्न करें।

6. अपनी क्षमता अनुसार साधु-साध्वीयां जब तक महामारी शांत ना हो तब तक प्रतिदिन उपवास, आयम्बिल, एकासन, एकांतर तपस्या करने का लक्ष्य रखें। सुरक्षित घरों से गोचरी इत्यादि लिए जाने में विशेष सतर्कता रखें। प्रवास स्थल के निकट के घरों में संक्रमण की संभावना हो तो गोचरी का भी विवेक किया जा सकता है।

7. साधु-साध्वीवृंद स्थानीय श्री संघ के पदाधिकारियों के माध्यम से भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त वैक्सीनेशन कराने की प्रक्रिया को अपनाएं। वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु यह वैक्सीन कारगर भी है।

8. प्रादेशिक स्तर पर एवं जिला स्तर पर सरकारी प्रावधानों का पालन करना सभी का कर्तव्य है, इसका विशेष ध्यान रखें। श्री संघ के पदाधिकारियों की हित दृष्टि एवं भावना का इस संकट काल में आदर करना प्रत्येक घटक का कर्तव्य है। किसी भी प्रकार की कठिनाई /अपवाद की विशेष परिस्थिति में साधु-साध्वीयां स्थानीय संघ के माध्यम से युवाचार्य प्रवर श्री महेंद्र ऋषि जी महाराज या क्षेत्रीय प्रवर्तकों से संपर्क कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

9. जैन कॉन्फ्रेंस, श्रावक समिति एवं समस्त भारतवर्ष के श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्री संघ अपनी भूमिका व दायित्व का निर्वहन करते हुए सभी साधु-साध्वीयों की संयम आराधना में सहयोगी बनें।साधर्मी जरूरतमंद बंधुओं की इस महामारी के दौरान हर प्रकार की सेवा किए जाने का तन, मन, धन से लक्ष्य रखें।

श्री ऑल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कॉन्फ़्रेन्स के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतवर्षीय श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन श्रमण संघीय श्रावक समिति के राष्ट्रीय प्रचार प्रसार मंत्री सुनील सांखला जैन ने बताया कि आचार्य भगवन श्री शिव मुनि जी महाराज द्वारा जारी अध्यात्मिक संदेश हम चतुर्विध संघ के लिए अनुकरणीय हैं। सभी स्थानीय श्री संघ आचार्य श्री जी के संकेत का परिपालन अक्षरस: करें, करुणा महामारी के दौरान हमारे संघ अधिनायक का अनुभवजन्य संकेत ही हमारी रक्षा करेगा। यही निवेदन और अभ्यर्थना है।

सुनील सांखला जैन ने बताया कि आचार्य भगवन का समय समय पर दिशा बोध अनुकरणीय है एवं सकल समाज ने स्वागत किया है। आपने आचार्य भगवन की अनुकम्पा, आशीर्वाद चतुर्विध संघ पर इसी तरह सदा बना रहे की कामना करते हुए कृतज्ञता ज्ञापित किया।

सुनील सांखला जैन ने बताया कि देश भर में विभींन श्री संघ अध्यक्षजी, संघपतीजी, पदाधिकारीगण एवं श्रावक – श्राविका पूरे भारत में विराजित हमारे गुरु भगवंतो के आहार विहार व स्वास्थ्य का ध्यान रख रहे है। उनका हार्दिक अभिनन्दन व धन्यवाद।

उन्होंने अपील कि देश में अनेक गाँव/शहर में गुरु भगवंतो को टिका की व्यवस्था भी हो रही है, अवश्य टिका लगवाए। साथ में श्रावक वर्ग भी टिका लगाए और इस महामारी से सुरक्षित रहे।