Site icon OmExpress

शौर्य चक्र विजेता कामरेड बलविंदर सिंह को आखिरी विदाई, परिवार ने किया था अंतिम संस्कार से मना

चंडीगढ़। बेहद दुखद खबर पंजाब के तरनतारण से है जहां आतंकवादियों से लोहा लेने वाले शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह भिखीविंड के शव का शनिवार को पट्टी के अस्पताल से पोस्टमार्टम तो हो गया, लेकिन परिवार ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उन्होंने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी। काफी देर विचार करने के बाद एसडीएम राजेश खुल्लर ने परिवार को उनकी मांगे माने जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार करने पर राजी हुए। अंतिम संस्कार के मौके पर बलविंदर को चमन लाल दराज सहित उनके अन्य साथियों ने भावपूर्ण अंतिम श्रद्धांजलि दी। शनिवार को बलविंदर सिंह भिखीविंड के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार वाले पट्टी अस्पताल से सीधा घर ले आए। इसके बाद परिवार ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। बलविंदर सिंह की पत्नी जगदीश कौर ने कहा कि उनके पति ने देश के लिए शहादत दी है, इसलिए उनको शहीद का दर्जा दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए। पूरे परिवार की सुरक्षा को यकीनी बनाया जाए और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। बलविंदर सिंह के भाई रंजीत सिंह ने कहा कि आतंकवाद का दिलेरी से मुकाबला करने के वाले परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस व सरकार गंभीर नहीं है।उन्होंने कहा कि यह भी बताया जाना चाहिए कि शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह सेे सुरक्षा क्यों वापस ली गई थी? वहीं खेमकरण के पूर्व विधायक और शिअद नेता विरसा सिंह वल्टोहा परिवार के साथ दुख बांटने पहुंचे। लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि वर्तमान कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर यहां क्यों नहीं पहुंचे। इसके बाद पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारियों के कहने पर विधायक भुल्लर मौके पर पहुंचे और परिवार से दुख साझा किया।वहीं हत्याकांड की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी में शामिल फिरोजपुर रेंज के डीआईजी हरदयाल सिंह मान दोपहर बाद गांव भिखीविंड मौके पर पहुंचे और परिवार से बात की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि हमलावरों को जल्द पकड़ लिया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा वापस लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी जांच एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले को दी गई है। यह घटना आतंकी वारदात का हिस्सा है या नहीं, इस पर उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है। इससे कुछ सुराग मिल सकता है।

शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह भिखीविंड की शुक्रवार सुबह सात बजे दो अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। आतंकियों की हिट लिस्ट में होने के बावजूद पुलिस ने इस साल बलविंदर की सुरक्षा वापस ले ली थी। बलविंदर सिंह सरकारी शिक्षक थे, जबकि उनके भाई रंजीत सिंह पंजाब रोडवेज में नौकरी करते थे। 1987 में नौकरी छोड़ने के बाद दोनों भाई आतंकवाद के सताए हिंदू परिवारों को सुरक्षा देते थे। इसी कारण उनके परिवार पर पंजाब में आतंकवाद के दौरान 42 बार हमले हुए। बलविंदर सिंह, उनकी पत्नी जगदीश कौर, भाई रंजीत सिंह और भाभी बलराज कौर को 1993 को तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। इस परिवार पर कई डाक्यूमेंट्री फिल्में भी बन चुकी हैं।_

Exit mobile version