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श्रमिक के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार नही होगा सहन नही होगा -इंटक श्रमिक ऑटो यूनियन प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत किराडू

– फुटपाथ श्रमिक भवन निर्माण मजदूर टूट चुके है।रोजमर्रा बेरोजगार फुटपाथों पर अपना समान बेच कर परिवार का पालन पोषण करते है ।इस बार समस्त यू आई टी हो या निगम अपने कान खोल कर सुन लेवे श्रमिक के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार नही होगा सहन नही होगा -इंटक श्रमिक ऑटो यूनियन प्रदेश उपाध्यक्ष किराडू

बीकानेर।बीकानेर में मजदूर वर्ग डुबा और बाकी जो कुछ कमा रहा है। फुटपाथ पर मजदूर उसके लिये यू आई टी की ने चलाया पंजा कोविड ने तोडी कमर बच्ची कुची रीढ़ की हड्डी के सहारे काम चल रहा वहां यू आई टी और नगर निगम के आगे मजदूर अखिर इनके आगे हुआ मजबूर

बीकानेर में हर साल और छः महीने से यू आई टी हो चाहै नगर निगम इनका चलता है। पिला पंजा अखिर फुटपाथ पर कमाने वालो का भी एक एक्ट है।पर उस एक्ट के जरिये फुटपाथ पर कमाना कोई जुर्म नही लेकिन यू आई निगम इन विभागों को लगता है। जैसे ये कोई जुर्म कर रहे है।

इसको लेकर पहले नगर विकास न्यास और नगर निगम आपसी शहमती तो बनाये अखिर निगम के अंडर आता है।यू आई टी के ये जब सवाल पूछते है ।तो जवाब न देकर मजदूर को बोलते है।तू हमे नियम सीखा रहा है । बेचारा मजदूर सामने बोले तो उसका समान तीतर बितर कर दिया जाता है।मानो जैसे पुरानी फिल्मों में अंग्रेजी हुकूमत आदेश करने के बाद कैसे हिंदुस्तानियों पर डंडे बरसाए जाते थे।

आज कोविड से बाहर निकल कर सड़को पर फुटपाथ पर जब मजदूर अपना परिवार चलाने के लिये फुटपाथ पर बैठा तो एक दिन पहले हिदायत दी जाती है।वो भी सभ्य भाषा मे नही जाने कोई वो बहुत बड़ा जुर्म किया हुआ बैठा है।

नगर निगम सम्सत फुटपाथ वालो की पर्ची हर महीने निगम की निजी आय की फुटपाथ की कटती है।एक महीने की पर्ची बताते है।है तो उसमें स्प्ष्ट शब्दो में लिखा होता है नगर निगम के द्वरा पर्ची काटी गई है।जो निजी आय हेतु फुटपाथ पर कोई अ स्थाई दुकान लगाता है।तो उसके द्वरा निगम पर्ची काटकर देता है।

अखिर यहां आज तो हदे ही पार हो चुकी थी यू आई टी के अधिकारियों को फोन किया आदेश मांगा गया तो उन साहब के पास है।उन साहब को फोन किया तो बोले तहसीलदार जी के पास है जब तहसीलदार जी से बात हुई तो वो बोले पटवारी जी के पास है।पर सचिव या जिला कलेक्टर द्वरा आदेश का कहकर वो धमकी देते है।तो या तो निगम जो रुपये वसूल करती है।वो वापस दे और साथ मे लिखे ये एरिया नगर विकास नयास का है ।

इसको लेकर इंटक-के नेता किराडू ने बोला आखिर क्या चाहता है।ये विभाग अब नही चलने देंगे इनकी दादा गिरी स्प्ष्ट शब्दो में दो बार अधिकारियों को समझाइश कर चुका हूं चाहे यू आई टी हो या निगम दो समय की रोटी की जुगत फुटपाथ से होती है।तो वो करेगा यू आई टी ने जो अभियान चलाए है। चिके लगाने की जो सिस्टम प्रणाली है ।उस पर लगाए मैने यू आई टी निगम तक को शिकायत और हाईकोर्ट के नियम तक बताये है उनके ऊपर चिका चलाये बाबा फनीचर्स वाले ने पूर्ण कब्जा करके सो रूम बना लिया उसे तोड़े और जो चाय की दुकाने वर्षो से चल रही है।उनके रशीद या चिक्का लगाकर तोड़े जो सरासर नाजायज है।फुटपाथ पर कोई श्रमिक कमा रहा है।तो उससे किसी कप समस्या पैदा नही होती फुटपाथ किसी की जहागीर नही और सरकार की जमीन है। और वो जिसके भी अंदर में आती है।उसे श्रमिक रशीद कटवाकर बैठता है ।

ऐसे में किराडू ने अधिकारियों पर कटाक्ष मारते हुए कहा की पहले नगर निगम नगर विकास न्यास खुद अपने आपकी जगह बांट ले कि फुटपाथ कोनसा निगम का है और कोनसा यू आई टी का है।जब मर्जी निगम वाले आकर मजदूर को धमकाया और निकल गए दो चार दिन बाद नगर विकास न्यास वाले आते है ।जब मर्जी आये धमकी देकर दुकान के समान तक को बिखेर देते है।

ट्रैफिक अपना काम सम्भाले फुटपाथ पर कमाने वालो के अगर ट्रैफिक पुलिश चलान काटती है तो वो सरासर नाजायज है ।ये सम्सत विभाग कान खोल कर अच्छी तरह से सुन लेवे दूसरी बार अल्टीमेटम है।

इस बार अल्टीमेटम या चेताववनी नही उग्र आंदोलन की उमड़ेगा श्रमिक और बेवजह परेशान करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ लेबर कोर्ट में करवाये करवाई हेमन्त किराडू ने कहा अब समझाइस नही आर पार की लड़ाई लड़ूंगा और ईटक उतरेगा सड़को पर आंदोलन की राह पर उसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी दोनो कान खोलकर सुन लेवे

बीकानेर की फुटपाथ हो या देश की उस फुटपाथ पर बैठकर दो वक्त की रोटी कमाने वाले श्रमिक को बेवजह कर्मचारी अधिकारी परेशान करने वालो को नही बक्शा जाएगा-हेमन्त किराडू इंटक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किराडू ने श्रमिक और फुटपाथ पर बैठे लोगों को परेशान करने वालो को दी दूसरी बार चेतावनी तीसरी बार अल्मेटम देते हुए कहा हर श्रमिक आंदोलन की राह पर उतरेगा अधिकारी पहले खुद अपने अंदर झांक लेवे फिर बोले समान फेंक देना या किसी महिला को गलत बोलना ये कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा हर श्रमिक मेरा भाई है और हक लड़ाई में किसी का डर नही है।

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