नई दिल्ली /श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इच्छा शक्ति के कारण श्रीगंगानगर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 325 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। इस कॉलेज की मांग को लेकर 10 सालों से लोग आंदोलन कर रहे थे। पूर्व में अशोक गहलोत ने इस कॉलेज के निर्माण के लिए जमींदारा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीडी अग्रवाल के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण करने के लिए एमओयू किया था। दानदाता अग्रवाल एमओयू के बाद से मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक राशि तक सरकारी दफ्तरों में जमा नहीं करवा सके और यह मामला लटकता चला गया। केन्द्र सरकार ने 75 जिलों में नये मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी प्रदान की तो उसमें श्रीगंगानगरवासियों की लॉटरी भी निकल आयी। राजस्थान के 10 जिलों में नये मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए मोदी सरकार ने 4 हजार करोड़ रुपये की बड़ी राशि मंजूर कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि श्रीगंगानगर जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज को केन्द्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। कुछ दिन पूर्व जयपुर में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के बीच मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर गंभीर चर्चा हुई थी, जिसमें श्रीगंगानगर के कार्यवाहक कलक्टर सौरभ स्वामी भी शामिल हुए थे।
श्रीगंगानगर में मेडिकल कॉलेज का कार्य पिछले सात वर्ष से भी अधिक समय से लटका हुआ है। इस निर्माण कार्य को पहले जनसहभागिता से करवाया जाना था। दानदाता सरकार की शर्तों के अनुसार निर्माण कार्य नहीं करवा पाये तो अब राज्य सरकार ने अपने स्तर पर कार्य करवाने का निर्णय लिया है। केन्द्र सरकार ने श्रीगंगानगर मेडिकल कॉलेज के लिए 325 करोड़ मंजूर किये हैं। यह राशि शीघ्र ही राज्य सरकार को ट्रांसफर होने की संभावना है।

केन्द्र सरकार ने आज जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए अनुमति दी है, उनमें अलवर, बारां, बांसवाड़ा, चित्तौडग़ढ़, जैसलमेर, करौली, नागौर, श्रीगंगानगर, सिरोही और बूंदी जिला शामिल हैं। केन्द्र सरकार ने 10 जिलों में मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्ताव मांगे थे। मोदी सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 75 नये सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए राशि का प्रावधान किया था। इस समय राजस्थान में 14 सरकारी और 8 निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। हालांकि राजस्थान में डॉक्टर्स और नर्सेज स्टाफ की भारी कमी है।

श्रीगंगानगर में मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 से अधिक सीट प्रथम वर्ष में होने की संभावना है। केन्द्र सरकार देश में डॉक्टर्स की कमी को दूर करना चाहती है। इसी कारण वह प्रत्येक तीन जिलों में एक मेडिकल कॉलेज बनाने का प्रस्ताव तैयार कर चुकी है, ताकि लोगों को नजदीकी जिले में स्वास्थ्य लाभ मिल सके। श्रीगंगानगर के मेडिकल छात्रों को अब जिले से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
वहीं कांग्रेस परिवार से जुड़े रहे नेता भी सोशल मीडिया पर श्रेय लेने का असफल प्रयास करते रहे।