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श्री नर्मदा महायज्ञ एवं संगीतमय श्री नर्मदा पुराण आयोजन के पांचवें दिवस पर 2100 दीयों से हुआ दीपदान, मंगलवार को होगी पूर्णाहुति

मन में हो माँ का स्मरण, फिर करें दीपदान तो जरूर मिलेगा सुखद परिणाम : श्रीसरजूदासजी महाराज

बीकानेर ( ओम एक्सप्रेस )। दीपदान करने वाले हमारे अनेक कष्टों का निवारण होता है, माँ का स्मरण कर दीपदान करने वाला व्यक्ति कभी दरिद्र नहीं रहता उसे सुख व शांति दोनों प्राप्त होती हैं। उक्त प्रवचन गंगाशहर स्थित रामझरोखा कैलाश धाम के महंत महामंडलेश्वर श्री सरजूदासजी महाराज ने सोमवार शाम दीपदान अवसर पर व्यक्त किए। श्री सरजूदासजी महाराज ने बताया कि धाम में ॐ (ओम) व श्रीराम आदि आकृति को करीब 2100 दीपों से सजाया गया। श्री सरजूदासजी महाराज ने बताया कि आज कार्यक्रम में दीपक पारीक, सोनू चढ्ढा व जेलर मुकेश त्यागी का सम्मान किया गया। मंगलवार को दोपहर एक बजे आयोजन की पूर्णाहुति की जाएगी। इस दौरान तीर्थों का संक्षिप्त वर्णन, भगवान सत्यनारायणजी की कथा, विशाल भंडारा एवं संतों की विदाई की जाएगी।

श्री नर्मदा महायज्ञ एवं संगीतमय श्री नर्मदा पुराण आयोजन के पांचवें दिवस में कथा वाचक पं. नितेश बिल्लौरे ने 233 घाटों का वर्णन करते हुए हर घाट के बारे में जानकारी प्रदान की। पं. बिल्लौरे ने बताया कि रामझरोखा कैलाशधाम के महंत परम पूज्य श्री रामदासजी महाराज ने 3600 किमी पैदल नर्मदा परिक्रमा करने के साथ ही चाँदगढ़ कुटी घाट पर चातुर्मास किया था। बताया जाता है कि इस घाट पर चंद्रमा ने भी तपस्या की थी।

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