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श्री सिद्धचक्र महापूजन के साथ पंच परमेष्ठि देवों का पूजन
शनि दोष निवारण के लिए मुनि सुव्रत स्वामी का महापूजन आज

बीकानेर, । साध्वीश्री मृगावती, सुरप्रिया व नित्योदया के सान्निध्य में गुरुवार को रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में शाश्वत नवपद ओली पर्व के तहत सम्यक्् ज्ञान पद तथा रिद्धि-सिद्धि प्रदाता श्री सिद्धचक्र महापूजन किया गया। शनिवार को सुबह नौ बजे सुगनजी महाराज के उपासरे में शनि दोष निवारण के लिए मुनि सुव्रत स्वामी का महापूजन किया जाएगा।  
करीब सवा चार घंटें तक महा मंगलकारी सिद्धचक्र के साथ पंच परमेष्ठि, सभी तीर्थंकरों, माता चक्रेश्वरी देवी, नवग्रह, नवनिधि, दस दिग्पाल, सभी दिशाओं के देवता,गुरु पादुका, यक्ष-यक्षिणी की पूजा भक्ति गीतों व मंत्रोंच्चारण से की गई। सिद्धचक्र महापूजा का विधान व महापूजन वरिष्ठ सुश्रावक कंवर लाल खजांची, सुश्राविका, अंशुमाला खजांची, दीपक-जागृति, जिनेन्द्र-प्रीति खजांची, श्रेयांस-ज्योति सावनसुखा,रोहन, लक्षित, याज्ञी, कलशी आदि ने करवा। भक्ति गीत विचक्षण महिला मंडल, मनोज बैद व कुशल दुग्गड़ ने प्रस्तुत किए। मंत्रोच्चारण साध्वीवृंद व प्रवीण भाई जैन ने किया।
साध्वीश्री मृगावती ने प्रवचन में कहा कि सिद्धचक्र महापूजन कष्ट, रोग, शोक दूर करने की सशक्त साधना व आराधना है। शाश्वत नवपद ओली पर्व के दौरान की गई आराधना से पुण्योदय तथा आत्मा का कल्याण होता है। सिद्धचक्र का महापूजा का फल कभी निष्फल नहीं जाता । 

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