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संवत्सरी पर्व के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएं: सिंघवी


जयपुर। छबड़ा विधायक व पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर जैन समाज के विशेष त्यौहार संवत्सरी पर्व के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग की है। उन्होनें कहा कि जैन समाज द्वारा मनाए जाने वाले पर्युषण माह के अंतिम दिन को संवत्सरी पर्व के रुप में मनाया जाता है। इस दिन प्रतिक्रमण और वास व उपवास रखने की परंपरा है। जैन धर्म में संवत्सरी पर्व का विशिष्ट महत्व है। इस दिन प्रत्येक जैन धर्मावलम्बी वर्ष भर में अपने द्वारा जाने-अनजाने में हुई समस्त भूलों व दूसरों के प्रति हुए अशिष्ट व्यवहार के लिए अंतःकरण से क्षमा याचना करते है। जैन धर्म में चातुर्मास की परंपरा प्राचीन है। चातुर्मास में साधु-साध्वियों के लिए एक स्थान पर ठहरने का शास्त्रीय विधान है। लोग चातुर्मास में धर्म-ध्यान एवं विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान करते है। सामाजिक दृष्टि से भाईचारे की भावना में अभिवृद्धि होती है। चातुर्मास में ही पर्युषण माह का आरंभ होता है और अंतिम दिवस संवत्सरी पर्व के रुप में मनाया जाता है। जैन समाज में पर्व के महत्व को देखते हुए संवत्सरी पर्व के दिन राज्य सरकार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना चाहिए।

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