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संविधान से मिला शिक्षित बनने का अधिकार : कांता आलडिया

भाजपा व कांग्रेस ने वोट बैक के चलते गरीब व दलितों का किया शोषण
हर्षित सैनी
रोहतक, 14 जनवरी। संविधान रूपी ग्रंथ शेरनी का वह दूध है जिसे पीने के बाद हर व्यक्ति दहाड़ता है, जो भी संविधान को खत्म करने की साजिश रचेगा, वह धरती से उठ जाएगा।
यह बात मिशन एकता समिति की प्रदेशाध्यक्ष कांता आलडिया ने मंगलवार को डॉ. अंबेडकर चौक पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। दरअसल समिति ने प्रत्येक माह की 14 तारीख को बाबा साहेब अंबेडकर के जन्मदिवस को स्मृति दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया।

उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें शिक्षित बनने का अधिकार दिया है और शिक्षित व्यक्ति ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है। शिक्षा के बिना आदमी पशु के समान है। उन्होंने दलित पिछड़े शोषित वर्ग को आह्वान किया कि वह एकजुट हो जाएं और संविधान रूपी शेरनी का दूध पिए ताकि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर दहाड़ सकें।
कांता आलडिया ने कहा कि कांग्रेस, भाजपा ने दलित शोषित पिछड़े वर्गों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया और बाद में उनके अधिकारों पर कुठाराघात किया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं व युवाओं से आहवान किया कि वे संविधान की रक्षा के लिए आगे आए। साथ ही बाबा साहेब के सपनों को साकार करे।

मिशन एकता समिति की प्रदेशाध्यक्ष ने चेताया कि बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा रचित संविधान से छेडछाड़ किसी कीमत पर बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होंने मकर सक्रांति के अवसर पर महिलाओं को गर्म वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर महा सिंह रंगा ने भी आह्वान किया कि संविधान की मशाल हर घर पर दस्तक दे इसके लिए संकल्प लेना चाहिए।

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