भाजपा सांसद बोले, 72 साल हो गए देश को आजाद हुए, लेकिन हिंदी को अभी तक नहीं मिला राष्ट्रभाषा का दर्जा
प्रत्येक राष्ट्र की है अपनी भाषा, भारत एक, भारतीय एक है, इसी के चलते हिंदी दिया जाए राष्ट्रभाषा का दर्जा
हर्षित सैनी
रोहतक, 17 मार्च । भाजपा सांसद डा. अरविंद शर्मा ने हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने की मांग संसद में आवाज उठाई और कहा कि करीब आठ सौ साल तक मुगलों ने देश पर शासन किया और इस दौरान हिंदी व संस्कृत को खत्म करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि सभी देशों की अपनी भाषा है, लेकिन देश को आजाद हुए 72 साल हो गए लेकिन अभी तक हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया गया।

सांसद द्वारा उठाई गई मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ने इस पर विचार करने को कहा है।
मंगलवार को भाजपा सांसद डा. अरविंद शर्मा ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि देश पर करीब 175 साल तक अंग्रेजों ने शासन किया और इस दौरान उन्होंने अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा दिया, देश को आजाद हुए 72 साल हो गए और जब देश का संविधान बनाया जा रहा था, उस दौरान भी राष्ट्रपति महात्मा गांधी व प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने भी हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने की मांग रखी थी। उन्होंने कहा कि संविधान को दस के लिए हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित किया गया, आज मौका है कि हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया जाए।

सांसद ने धारा 370, 35ए, तीन तलाक व राममंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि देश हित में केंद्र सरकार ने अनेक कदम उठाए है। उन्होंने कहा कि आज केंद्र में देशहित को सर्वपरि रखने वालों की सरकार है और इस ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए और इसकी अहम जरुरत भी है।
सांसद ने कहा कि सभी राष्ट्रों की अपनी भाषा है इसलिए देश हित को देखते हुए हिंदी को भी राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया जाए। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद ने कहा कि भारत एक और भारतीय एक है, लेकिन हिंदी को राष्ट्रभाषा को दर्जा देने के मामले में पीछे रह गए है और इस पर तुरंत विचार किया जाए।