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सक्षम व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील बने विद्यार्थी-डॉ. शरणजीत कौर

छात्र विकलांगों के अधिकारों, जागरूकता और पहुंच पर गुणात्मक और मात्रात्मक शोध करें
हर्षित सैनी
रोहतक, 24 फरवरी। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के गुरुग्राम स्थित सेंटर फॉर प्रोफेशनल एंड एलाइड स्टडीज ने अमेरिकन इंडियन एसोसिएशन के सहयोग से विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ हरियाणा वेलफेयर सोसायटी फॉर पर्सन्स विद स्पीच एंड हियरिंग इम्पेरेमेंट की प्रेजिडेंट एवं चेयरपर्सन डॉ. शरणजीत कौर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह विशेष तौर पर उपस्थित रहे। सीपीएस गुरुग्राम सेंटर कि निदेशिका प्रो. संतोष नांदल एवं शिक्षकों ने प्रो. राजबीर सिंह को एमडीयू के नियमित कुलपति बनने पर उनको बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

अपने संबोधन में डॉ. शरणजीत ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील बनने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आंकड़ों के अनुसार 15 प्रतिशत लोग किसी न किसी तरह से विकलांग है तथा जीवन के बेहतर स्तर के लिए समाज में उनकी स्वीकार्यता की आवश्यकता है।
उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और छात्रों से अनुरोध किया कि वे विकलांगों के अधिकारों, जागरूकता और पहुंच पर गुणात्मक और मात्रात्मक शोध करें। उन्होंने विशेष रूप से विकलांग छात्रों के लिए अलग विश्वविद्यालय की आवश्यकता पर बल दिया और उम्मीद जताई कि हरियाणा सरकार इस संबंध में जल्द ही निर्णय लेगी। उन्होंने विशेष रूप से विकलांग लोगों पर अनुसंधान केंद्र शुरू करने के लिए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की।

इससे पूर्व सेंटर कि निदेशिका प्रो. संतोष नांदल ने अतिथिओं का स्वागत किया तथा कार्यशाला कि भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को नि:शक्तजन, उनके कानूनी अधिकारों एवं मानवाधिकार के बारे में बताया जाएगा, जिससे कि वे इस वंचित वर्ग के प्रति संवेदनशील होकर उनके अधिकारों के लिए खड़े हो सके तथा आमजन को भी नि:शक्तजनो के प्रति जागरूक कर सकें।
अमेरिकन इंडिया एसोसिएशन की तरफ से गीता चतुर्वेदी एवं रेनू भगत ने विद्यार्थियों को नि:शक्तों से जुड़े कानूनों के बारे में प्रशिक्षण दिया। इस कार्यशाला में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता की।
कार्यशाला से पहले विकलांगों के अधिकारों पर पोस्टर मेकिंग एवं स्लोगन राइटिंग कम्पीटीशन आयोजित किया गया। पोस्टर मेकिंग में पूर्वा, इशिका एवं गिन्नी तथा स्लोगन राइटिंग में नेहा, प्रियांशु, अंशुल ने क्रमश: प्रथम, दूसरा एवं तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर सेंटर की प्राध्यापक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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