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सरकारी योजना का पैसा खुद के खाते में जमा

-पशुपालन विभाग में गजब कारनामा, पोल खुली तो वापिस सरकारी खाते में करा दिया जमा
जयपुर । सरकारी योजना का लाखों रुपया पशुपालन विभाग के अधिकारी और बाबू ने खुद के खाते में जमा करवा दिया पोल खुली तो फसने के डर से वापिस सरकारी खाते में जमा करवा दिया अब अधिकारी की मासूम दलील, ‘गलती से हो गया, जांच चल रही है।’
सूत्रों की मानें तो मामला जयपुर रीजन के दौसा जिले का है। विभाग की ‘टाडामाडा योजना’ का लाखों रुपया विभाग के अधिकारी ने खुद व बाबू के खाते में जमा करवा दिया। विभाग के आला अधिकारियों के यह बात पकड़ में आई तो उन्होंने तहकीकात शुरू की। पड़ताल शुरू होते ही गलती सामने आई तो फंसने के डर से उन्होंने रुपया वापस सरकारी खाते में जमा करवा दिया।
सूत्रों ने बताया कि धीरे-धीरे बात मुख्यालय के कई अधिकारियों तक पहुंच गई। सबसे कमाल की बात यह है कि जिसे भी पता चला सभी ने चुप्पी धारण कर ली। इस बीच जयपुर बैठे अधिकारियों को लगा कि पूरी तरह चुप रहेंगे तो उन पर भी बात आ सकती है। उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी।
हमारे दौसा जिले के संवाददाता की मानें तो योजना का क्रियान्वयन हुआ या नहीं किसी को कुछ पता नहीं। विभाग से मालूमात करते हैं तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। उधर जिले के ज्वाइंट डायरेक्टर का दावा है, योजना का क्रियान्वयन हो चुका है।
–क्या है टाडामाडा योजना:
पशुपालकों को जागरूक करने के लिए यह योजना राज्य के कुछ जिलों में चल रही है। इस योजना की मॉनिटरिंग जिले के प्रभारी या ज्वाइंट डायरेक्टर की देखरेख में होती है। पशुपालन विभाग की इस योजना के तहत जगह-जगह शिविर लगाकर पशुओं को टीके लगाना, मेडिकल जांच, उनकी दवाएं देना आदि कार्य होते हैं। इसके लिए विभाग की ओर से अलग से बजट उपलब्ध करवाया जाता है।

– क्या कहना है ज्वाइंट डायरेक्टर का:
दौसा जिले के ज्वाइंट डायरेक्टर निरंजन लाल शर्मा का कहना है, ‘कुछ रुपया बाबू रामकिशोर के बेटे गजेंद्र के खाते में और कुछ रुपया कर्मचारी अनिल के खाते में गया। वह भी गलती से चला गया था। मामले की जांच चल रही है। अभी फील्ड में हूं इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता।

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