– बाड़मेर से शुरू हुई शोधकार्य की यात्रा पुनः बाड़मेर सम्पन्न

बाड़मेर। गच्छ गणिनी साध्वी श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. की सुशिष्या परम पूज्या साध्वी प्रियशुभांजनाश्री म.सा. को मंगलवार को स्थानीय आराधना भवन में डाॅक्ट्रेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ चातुर्मास समिति, बाड़मेर के सचिव रमेश पारख व कोषाध्यक्ष सोहनलाल छाजेड़ ने बताया कि गच्छ गणिनी साध्वी श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. की सुशिष्या प.पू. साध्वी श्री प्रियरंजनाश्री म.सा. आदि ठाणा-3 की निश्रा में डाॅक्ट्रेट उपाधि सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें चातुर्मास समिति के पदाधिकारियों व आंगुतकों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तत्पश्चात गुरूभक्त बाबूलाल एच. छाजेड़ द्वारा सामुहिक गुरूवंदन करवाया गया। कार्यक्रम को साध्वी श्री प्रियरंजनाश्रीजी, साध्वी श्री शुभांजनाश्रीजी व साध्वी श्री दिव्यांजनाश्रीजी ने संबोधित किया गया एवं डॉ रणजीतमल जैन, डाॅ. बी.डी. तातेड़, डॉ जितेंद्रभाई बी शाह, रतनलाल संखलेचा, पवनकुमार संखलेचा, नर्मदा छाजेड़, पूर्णिमाबेन पारख ने गुरूवर्याश्री के प्रति अपने हृदय के उद्गार व्यक्त किए। जगदीश पदाईया ने भजन की प्रस्तुति दी।

मिडिया प्रभारी चन्द्रप्रकाश बी. छाजेड़ ने बताया कि साध्वी प्रियशुभांजनाश्री म.सा. द्वारा जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय लांडून से ‘‘भव भावना का तुलनात्मक अध्ययन’’ विषय पर शोधकार्य करने पर डाॅक्ट्रेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस शोधकार्य के निर्देशन डाॅ. जितेन्द्रभाई बी. शाह द्वारा किया गया था। डाॅ. शाह द्वारा अनेकों साधु-साध्वी भगवंतों को अध्ययन करवाया गया है। इस अवसर पर खरतरगच्छ संघ द्वारा साध्वीवृंद को काम्बली अर्पण शुभकामनाएं प्रेषित की। व डाॅ. जितेन्द्रशाह एवं साध्वीवर्या की सांसारिक मातुश्री पूर्णिमाबेन का अभिनन्दन किया जायेगा। इस अवसर पर केयुप व केएमपी व बाबूलाल भूरचंद लूणिया परिवार द्वारा भी साध्वीवृद को काम्बली अर्पण की गई। साध्वीवृंद द्वारा यादगार रूप तस्वीर भेंट की गई। कार्यक्रम में पश्चात् पूर्णिमाबेन एवं केयुप-केएमपी द्वारा संघ प्रभावना की गई। कार्यक्रम का संचालन बाबूलाल एच. छाजेड़ द्वारा किया गया।