– स्वणकारों को सरकार से राहत की उम्मीद
-मुकेश पूनिया-
बीकानेर। बीते साल कोरोना लॉकडाउन के कारण करोड़ो का नुकसान उठा चुके ज्वैलरी कारोबारियों को सावों के इस सीजन से नुकसान की भरपाई होने की उम्मीद बंधी थी लेकिन एक बार फिर लौट कर आई कोरोना आपदा में राज्य सरकार की ओर से लगाये गये जन अनुशासन पखवाड़े की सख्ती ने ज्वैलरी कारोबारियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इससे ज्वैलरी कारोबार की चमक फिकी पड़ गई है। हालात यह है कि लॉकडाउन में करीब दस माह की मंदी का सामना कर चुका स्वर्ण कारोबार इस बार भी सावों के सीजन में परवान चढने से पहले ही पस्त हो गया। जानकारी के अनुसार एक हजार करोड़ रुपए का सालाना कारोबार करने वाले स्वर्ण कारोबारियों की चालू माह में वैवाहिक सावों पर नजरें टिकी थी,लेकिन कोरोना के पलटवार से बिगड़े हालातों को कारण लगाये गये जन अनुशासन पखवाड़े की सख्ती ने स्वर्ण कारोबारियों को आहत कर दिया है। इसे लेकर बीकानेर सर्राफा समिति के अध्यक्ष सुनील सोनी बताया कि बीते साल लॉकडाउन के कारण घौर आर्थिक मंदी का सामना कर चुके स्वर्ण कारोबारियों की हालत पूरी तरह पस्त हो गई थी। इस साल सावों के सीजन में कारोबार सुधरने की उम्मीद बनी थी और ग्राहकों ने ज्वैलरी के ऑर्डर बुक करवाने शुरू कर दिये लेकिन जन अनुशासन पखवाड़े के तहत बढी कफ्र्यू की सख्ती ने स्वर्ण कारोबारियों को झकझोर कर रख दिया है। सुनिल सोनी ने बताया कि सावों के सीजन को देखते हुए ज्वैलरी की दुकानें प्रतिष्ठान खोलने के लिये राज्य सरकार को छूट देनी चाहिए है। इसके लिये बीकानेर सर्राफा समिति ने जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है। वहीं समिति के सचिव कैलाश सोनी ने बताया कि अकेले बीकानेर में सालाना करीब एक हजार करोड़ रुपए का स्वर्ण कारोबार होता है। इससे केन्द्र और राज्य सरकार को भी सालाना करोड़ो का राजस्व मिलता है,और हजारों की तादाद में ज्वैलरी कारीगरों को रोजगार मुहैया होता है। ऐसे में शासन प्रशासन को स्वर्ण कारोबारियों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिये जन अनुशासन पखवाड़े में ज्वैलरी की दुकानें प्रतिष्ठानें खोलने की छूट देनी चाहिए है। जिससे ज्वैलरी कारोबारी सावों के ऑर्डर की ज्वैलरी तैयार कर ग्राहकों को दे सकें।
– सावों के ऑर्डर बने आफत
ज्वैलरी कारोबारियों ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि सावों के सीजन को देखते हुए ग्राहकों ने ज्वैलरी तैयार करवाने के लिये करोड़ो के ऑर्डर बुक कराये। शादी वाले परिवारों को ऑर्डर की ज्वैलरी तैयार करके देनी है। लेकिन जन अनुशासन पखवाड़े की सख्ती के कारण ना तो कारीगर आ रहे है और ना ही ज्वैलरी की दुकानें प्रतिष्ठाने खुल पा रही है। ऐसे में ग्राहकों के ऑर्डर पर ज्वैलरी तैयार करके देना मुश्किल हो गया है। अगर ज्वैलरी कारोबारियों को दुकानें प्रतिष्ठान खोलने की छूट मिल जाये तो कारोबारी कोरोना एडवाइजरी की पूर्णतया पालना के लिये तैयार है।