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सियासी चकाचौंध में दबकर रह गई दृष्टिहीन छात्र की आवाज

जयपुर,( दिनेश शर्मा “अधिकारी”)। विशेष बच्चों के सरकारी स्कूलो में शिक्षकों की कमी है विशेष लाईब्रेरी नहीं है, फर्जी शर्टीफिकेट वाले हक पर टांका मार रहे है, ऐसी पीडा लेकर जोधपुर के आंगणवा राजकीय अंध विश्वविद्यालय का शैताना राम छात्र रविवार दिनांक 14 नवम्बर 2021 को विधानसभा सत्र में पहुंचा और पर्ची के माध्यम से बोलने को समय लिया लेकिन बोलने का मौका नहीं दिय गया, जिस कारण दृष्टिबाधित छात्र की आवाज पर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। उक्त बालक विधानसभा में दिव्यांगों के राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के पद भरने, स्कूलों की डिजीटल लाईब्रेरी में रीडर उपलब्ध कराने, फर्जी प्रमााण पत्रों पर रोक लगवाने और विशेष्य योग्यजन आयोग के गठन की मांग उठाना चाहता था। उक्त तथ्य पर दिनेश कुमार गुप्ता, सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने संज्ञान लेते हुए सभी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को निर्देश जारी किये की उनके क्षेत्राधिकार में स्थित राजकीय/राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित/मान्यता प्राप्त विशेष आवासीय विद्यालयों/गृहों का अविलंब निरीक्षण कर, निरीक्षण रिपोर्ट में अन्य बिन्दुओं के अतिरिक्त उपरोक्त विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद, डिजीटल लाईब्रेरी एवं विशेष रीडर की उपलब्धता बाबत् अपनी रिपोर्ट यथाशीघ्र प्रेषित करने के निर्देश दिये है।

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