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सीकर पुलिस अधीक्षक,आई.ओ केस डायरी सहित 23 मई को प्रातः 9:00 बजे व्यक्तिश: उपस्थिति हो कर जवाब दें: रालसा सचिव


जयपुर, ( दिनेश शर्मा”अधिकारी”) l राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा सीकर जिले के “बलात्कार अपहरण हत्या के प्रयास कर बेशकीमती ज़मीन हड़पने के मामले में “ पीड़ित प्रतिकर मुआवजे की मांग पर पुलिस के एक अन्वेषण अधिकारी द्वारा एक ही मामले में अलग-अलग रिपोर्ट दिए जाने पर वास्तविक वस्तुस्थिति तक पहुंचने के लिए सीकर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अन्वेषण अधिकारी को केस डायरी के साथ 23 मई 22 को प्रातः 9:00 बजे व्यक्तिश: उपस्थिति के साथ तलब किया हैं l
सूत्रों के अनुसार सीकर जिले में बेशकीमती जमीन हड़पने के एक मामले में पुलिस की संदिग्धता और संलिप्तता को उजागर करते एक मामले में बलात्कार, डकैती, अपहरण और जान से मारने के प्रयास जैसे गंभीर संगीन मामले में अगस्त 2018 में अन्वेषण अधिकारी ने करीब 12 लोगों के खिलाफ तुरंत गिरफ्तारी की अनुशंसा करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी उसी अन्वेषण अधिकारी ने 20 जुलाई 2020 को मामला झूठा बताते हुए एफ आर पेश करते हुए सभी अभियुक्तों को उनके आरोपों से मुक्त करते हुए रींगस के एसीजेएम न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जो वर्तमान में आज दिनांक तक लंबित है। एक ही मुकदमे में एक ही आई ओ द्वारा कुछ समय के अंतराल पर विभिन्न रिपोर्ट देना और पीड़िता को कोई न्याय नहीं मिलना पुलिस प्रणाली की संदिग्धता को उजागर करता है। पीड़िता ने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में उपस्थिति होकर अपने बलात्कार के तथ्यों की पुष्टि करने वाले दस्तावेजों को पेश कर पीड़ित प्रतिकर मुआवजा राज्य सरकार से लेने की मांग की जो कि हर बलात्कार पीड़िता को राज्य सरकार की ओर से कंपनसेशन के रूप में पीड़िता को सम्मान रखते हुए नाम और पहचान को गुप्त रखते हुए उसके व्यक्तिगत खाते में सीधे पहुंचाया जाता है। पीड़िता ने अपने मुकदमे की स्थिति से रालसा के विद्वान न्यायाधीश गणों को अवगत कराते हुए यथा स्थिति से अवगत कराया। रालसा ने सीकर एसपी को पत्र भेजकर संपूर्ण पत्रावली जयपुर रालसा कार्यालय में 23 मई 2022 को प्रातः 9:00 मय अनुसंधान अधिकारी केस डायरी सहित व्यक्तिश: उपस्थिति के साथ तलब किया है।
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