

बीकानेर। दिवाली का त्योहार चतुर्दशी युक्त अमावस्या में 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। अमूमन हर बार दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है, लेकिन इस बार सूर्य ग्रहण के कारण गोवर्धन पूजा दिवाली के तीसरे दिन 26 अक्टूबर को की जाएगी। ऐसा संयोग 27 साल बाद बना है। ज्योतिर्विदों ने बताया कि 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण लगेगा।
सूर्य ग्रहण अमावस्या तिथि पर ही लगता है और दिवाली भी अमावस्या पर ही होती है। इस बार कुछ ऐसा संयोग बना है कि दिवाली की देर रात से ही सूतक काल शुरू हो जाएगा। इस बार का सूर्य ग्रहण भारत में भी देखा जा सकेगा, इसलिए इस बार सूतक के नियम भारत में मान्य होंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दिवाली पूजा पर ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होगा।
कितने बजे से लग जाएगा सूतकसूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। इस ग्रहण का सूतक 25 अक्टूबर को सुबह 04 बजकर 15 मिनट से लागू हो जाएगा। सूतक के दौरान पूजा-पाठ से संबंधित कार्य नहीं किए जाते हैं। मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। खाना-पीना और शयन करना वर्जित माना गया है, यदि आपके घर में भोजन बना हुआ है तो उसमें सूतक से पहले तुलसी के पत्ते डाल देना चाहिए।बंद रहेंगे मंदिरों के पटगोवर्धन पूजा के दिन भगवान को बाजरा, चावल, मूंग, मोठ, कढ़ी सहित गर्म तासीर के भोजन का भोग लगाया जाता है। सूर्य ग्रहण के दिन जिले के सभी मंदिरों के पट बंद रहेंगे।


इससे पहले वर्ष 1995 में दीपावली पर सूर्य ग्रहण था। बीकानेर में 1 घंटे और 28 मिनट तक सूर्यग्रहण होगा। दीपावली के अगले दिन 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्य ग्रहण रहेगा। बीकानेर में खंडग्रास सूर्यग्रहण शाम 4. 27 मिनट से शाम 5.55 मिनट तक रहेगा। खंडग्रास सूर्य ग्रहण का सूतक काल अलसुबह 4.27 बजे से ही प्रारंभ हो जाएगा। सूतक काल में नित्य नैमित्तिक कर्म, संध्या, वंदन, पाठ, पूजन, हवन आदि कर्म किए जा सकते हैं। 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्य ग्रहण का स्पर्श दोपहर 2.28 बजे प्रारंभ होगा। ग्रहण मोक्ष शाम 6.32 मिनट पर होगा। सूर्य ग्रहण का कुल समय 4 घंटे 4 मिनट रहेगा। बीकानेर में खंडग्रास सूर्य ग्रहण 1 घंटे व 28 मिनट तक ही दिखाई देगा।
दूसरा चन्द्र ग्रहण 8 नवम्बर को
इस साल का दूसरा चंद्रग्रहण कार्तिक शुक्ला पूर्णिमा 8 नवंबर को होगा। भारतीय समय अनुसार दोपहर 1.32 बजे से शाम 7.27 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा।
