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सूर्य सप्तमी पर सूर्य नमस्कार का बनेगा रिकॉर्ड, संस्कारी शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय कदम : प्रणव भोजक


बीकानेर। शाकद्वीपीय समाज के युवा नेता प्रणव भोजक ने बताया कि सीएम भजनलाल शर्मा व शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा सूर्य सप्तमी पर सूर्य नमस्कार का आयोजन करवाना तथा इसे वृहद रूप से मनाना बेहद प्रशंसनीय है। भोजक ने बताया कि सूर्य भगवान शाकद्वीपीय समाज के आराध्य हैं और सूर्य सप्तमी पर पूरे देश में समाज द्वारा शोभायात्रा निकाली जाती है। इस दिन सूर्य भगवान का अभिषेक और ढोल-ताशों के साथ भगवान भास्कर को रथ पर विराजित कर शोभायात्रा निकाली जाती है। सीएम व शिक्षा मंत्री के इस आदेश के बाद शाकद्वीपीय समाज बंधुओं ने आभार जताते हुए इसे संस्कारी शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय कदम बताया। गौरतलब है कि राजस्थान में भजनलाल सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आदेश जारी करते हुए बताया कि राज्य के स्कूलों में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ संस्कार भी देना बेहद जरूरी है। शिक्षा में संस्कार समायोजित होंगे। मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि 16 फरवरी को सूर्य सप्तमी है। इस अवसर पर सरकार एक बड़ा आयोजन प्रदेश स्तर का करना चाह रही है। सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार होगा। इसकी प्रैक्टिस भी स्कूलों में करवाई जाएगी। ऐसे में जल्द ही स्कूलों में सूर्य नमस्कार शुरू किए जाएंगे। दिलावर ने कहा कि 15 और 16 फरवरी को सूर्य सप्तमी है। ऐसे में सरकार 15 तारीख को सूर्य सप्तमी को बड़े स्तर पर मनाना चाह रही है। उस दिन सभी विद्यालय में कार्यक्रम होगा। इसमें भामाशाह और समाजसेवियों का सहयोग लिया जाएगा। राज्य सरकार ऐसा कार्यक्रम करवाना चाहती है, जो देश में सबसे बड़ा कार्यक्रम हो। इसमें सबसे ज्यादा लोग एक साथ सूर्य नमस्कार करें। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सुबह की प्रार्थना में कम से कम 15 सूर्य नमस्कार का अभ्यास रोज छात्र करें। मंत्री दिलावर ने कहा कि सूर्य के प्रकाश से ही हम सब कुछ कर पा रहे हैं। इस प्रकार सूर्य सप्तमी पर एक बड़ा कार्यक्रम भी होगा। लोगों में व्यायाम करने की रुचि भी रहेगी। एक बार पहले 15 फरवरी तक सूर्य नमस्कार करना अनिवार्य रखेंगे।

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