प्रासोल केमिकल्स लिमिटेड (‘‘कंपनी’’) अपने ₹2 अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयरों के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को खोलने जा रही है। एंकर निवेशकों के लिए बोली की तारीख आईपीओ खुलने से एक कार्यदिवस पहले यानी सोमवार, 7 सितंबर 2026 होगी। बोली/ऑफर बंद होने की तारीख गुरुवार, 10 सितंबर 2026 तय की गई है।
आईपीओ के लिए ₹643 से ₹676 प्रति इक्विटी शेयर का मूल्य दायरा तय किया गया है। प्रत्येक शेयर का अंकित मूल्य ₹2 है। निवेशक न्यूनतम 22 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 22 शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकेगी।
आईपीओ में ₹800.00 मिलियन तक का फ्रेश इश्यू और ₹4,200.00 मिलियन तक का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है। इस तरह कुल आईपीओ का आकार ₹5,000.00 मिलियन है। कंपनी आईपीओ से प्राप्त शुद्ध राशि का इस्तेमाल कुछ कर्जों के पुनर्भुगतान और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
कंपनी की स्थापना 1992 में हुई थी और उसे स्पेशलिटी केमिकल्स उद्योग में 33 वर्षों से अधिक का अनुभव है। कंपनी एसीटोन और फॉस्फोरस आधारित स्पेशलिटी केमिकल्स के साथ-साथ जटिल और अलग तरह की रासायनिक प्रक्रियाओं से बनने वाले अन्य स्पेशलिटी केमिकल्स का उत्पादन करती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में 150 से अधिक स्पेशलिटी केमिकल उत्पाद शामिल हैं। 15 जुलाई 2026 तक कंपनी के 1,600 से अधिक ग्राहक हैं और वह 69 देशों को निर्यात करती है।
कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल विभिन्न उद्योगों में होता है। इसके पांच प्रमुख कारोबार खंड हैं— (क) परफॉर्मेंस केमिकल्स, जिसमें लुब्रिकेंट एडिटिव्स और माइनिंग केमिकल्स शामिल हैं; (ख) पीआईसीए यानी पेंट्स, इंक, कंस्ट्रक्शन और एडहेसिव्स; (ग) फार्मास्युटिकल्स; (घ) एग्रोकेमिकल्स; और (ङ) होम एवं पर्सनल केयर। यह आईपीओ एससीआरआर के नियम 19(2)(बी) और सेबी आईसीडीआर नियमों के विनियम 31 के तहत पेश किया जा रहा है। आईपीओ बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से सेबी आईसीडीआर नियमों के विनियम 6(1) के तहत जारी किया जा रहा है।
आईपीओ के 50 प्रतिशत से अधिक हिस्से को योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध नहीं रखा जाएगा। कंपनी, बुक रनिंग लीड मैनेजर (बीआरएलएम) से परामर्श के बाद, क्यूआईबी हिस्से के अधिकतम 60 प्रतिशत तक हिस्से को एंकर निवेशकों को विवेकाधीन आधार पर आवंटित कर सकती है। एंकर निवेशक हिस्से के 40 प्रतिशत हिस्से को इस प्रकार आरक्षित किया जाएगा। (i) 33.33 प्रतिशत घरेलू म्यूचुअल फंड के लिए और (ii) 6.67 प्रतिशत भारतीय बीमा अधिनियम, 1938 के तहत बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) में पंजीकृत जीवन बीमा कंपनियों तथा पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2013 के तहत पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण में पंजीकृत पेंशन फंड के लिए।
यह आवंटन तभी होगा जब इन संस्थाओं से एंकर निवेशक आवंटन मूल्य या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त हों। जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंड के लिए आरक्षित हिस्से में कम सदस्यता रहने पर उस हिस्से को घरेलू म्यूचुअल फंड को आवंटित किया जा सकता है। एंकर निवेशक हिस्से में कम बोली या आवंटन नहीं होने की स्थिति में बची हुई इक्विटी शेयरों को एंकर निवेशक हिस्से को छोड़कर क्यूआईबी हिस्से यानी नेट क्यूआईबी हिस्से में जोड़ दिया जाएगा।
नेट क्यूआईबी हिस्से का 5 प्रतिशत केवल म्यूचुअल फंड को आनुपातिक आधार पर आवंटन के लिए उपलब्ध होगा। शेष नेट क्यूआईबी हिस्से को म्यूचुअल फंड समेत सभी क्यूआईबी बोलीदाताओं के बीच आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा। इसके लिए ऑफर मूल्य या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त होना जरूरी होगा। हालांकि, यदि म्यूचुअल फंड से प्राप्त कुल मांग नेट क्यूआईबी हिस्से के 5 प्रतिशत से कम रहती है, तो म्यूचुअल फंड हिस्से में आवंटन के लिए उपलब्ध बची हुई इक्विटी शेयरों को शेष नेट क्यूआईबी हिस्से में जोड़ दिया जाएगा और क्यूआईबी को आनुपातिक आधार पर आवंटित किया जाएगा। इसके अलावा, आईपीओ का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए उपलब्ध होगा। इसमें एक-तिहाई हिस्सा ₹0.20 मिलियन से अधिक और ₹1.00 मिलियन तक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए तथा दो-तिहाई हिस्सा ₹1.00 मिलियन से अधिक के आवेदन आकार वाले निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। इनमें से किसी उप-श्रेणी में बिना सदस्यता वाला हिस्सा दूसरी उप-श्रेणी के गैर-संस्थागत निवेशकों को आवंटित किया जा सकता है।
आईपीओ का कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईबी) के लिए उपलब्ध होगा। यह आवंटन सेबी आईसीडीआर नियमों के अनुसार किया जाएगा और इसके लिए ऑफर मूल्य या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त होना जरूरी होगा। सभी संभावित बोलीदाताओं, एंकर निवेशकों को छोड़कर, के लिए एएसबीए (एप्लीकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट) प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए उन्हें अपने एएसबीए खाते का विवरण देना होगा। यूपीआई सुविधा का इस्तेमाल करने वाले खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों को अपना यूपीआई आईडी भी देना होगा। इसके बाद संबंधित बोली राशि सेल्फ सर्टिफाइड सिंडिकेट बैंकों (एससीएसबी) या यूपीआई व्यवस्था के तहत स्पॉन्सर बैंकों द्वारा ब्लॉक कर दी जाएगी। एंकर निवेशक एएसबीए प्रक्रिया के माध्यम से आईपीओ में भाग नहीं ले सकेंगे।
डीएएम कैपिटल इस आईपीओ का एकमात्र बुक रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड आईपीओ का रजिस्ट्रार है। कंपनी के इक्विटी शेयरों को बीएसई और एनएसई के मेन बोर्ड पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रस्ताव है।

