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स्वामी कृष्णानंद सरस्वती का अवदान माॅरिशस के लिए सदैव प्रासंगिक : माॅरिशस के राजदूत हाईकमीशन हेमनदोयाल दीलम

 

बीकानेर। माॅरिशस देश की आजादी के अग्रदूत राजस्थान में बीकानेर के जाए जन्मे स्वामी कृष्णानंद जी सरस्वती के पौत्र एवं राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग राजस्थान सूचना केंद्र कोलकाता के सहायक निदेशक हिंगलाज दान रतनू ने माॅरिशस दूतावास नई दिल्ली में माॅरिशस के राजदूत महामहिम हेमनदोयाल दीलम से शिष्टाचार भेंट की और बुके प्रजेंट तथा सुजस पुस्तक एवं राजस्थान का साहित्य भेंट कर अभिनंदन किया।  

इस मौके पर माॅरिशस के राजदूत हाईकमीशन हेमनदोयाल दीलम ने कहा कि स्वामी कृष्णानंद जी माॅरिशस के तत्कालीन जनमानस की प्रथम पाठशाला थी। जहां से हमने सभ्यता, संस्कार, संगठन, सेवा को आत्मसात किया है। माॅरिशस का जनमानस स्वामी कृष्णानंद जी के कृतित्व के अवदान को कभी भी भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के उस समय माॅरिशस में यूथ युवा वर्ग को मोटिवेट करने के लिए आयोजित वर्कशाप जो कि 1980 में आयोजित की गई थी उसमें स्वयं उन्होंने भाग लिया और स्वामी जी ने मुझे लीडरशिप के लिए रोल दिया जिसमें मुझे भाषण देना था, मैंने वह रोल सफलतापूर्वक किया। माॅरिशस के राजदूत महामहिम हेमनदोयाल दीलम ने यह भी कहा कि स्वामी कृष्णानंद जी महाराज माॅरिशस के राष्ट्र निर्माता थे। उनके आदर्श पर चल कर माॅरिशस आज प्रगतिशील है।  

इस अवसर पर हिंगलाज दान रतनू ने स्वामी कृषणानंद जी के नाम से उनकी जन्म स्थली गांव बीकानेर जिले के दासोङी में उनकी स्मृति में स्वामी कृष्णानंद अस्पताल, स्वामी कृषणानंद वाचनालय, बीकानेर में स्वामी कृष्णानंद मार्ग एवं नगर विकास न्यास द्वारा स्वामी कृषणानंद स्मृति समाज सेवा पुरस्कार आदि प्रकल्पों की हाईकमीशन को विस्तार से जानकारी दी। साथ ही स्वामी जी द्वारा आरंभ सेवा शिविर जो निरंतर चल रहे उनके बारे में भी बताया और कहा कि इन सब प्रकल्पों के पीछे उनके पिता 80 वर्षीय वयोवृद्ध भंवर पृथ्वीराज रतनू भी हमारे प्रेरक के रूप में हमारे पथ प्रदर्शक हैं। रतनू ने राजदूत महामहिम हेमनदोयाल दीलम से मुलाकात कर बताया कि हम कनेक्ट राजस्थान कनेक्ट भारत टू माॅरिशस की कङी के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी कृष्णानंद जी सरस्वती की चिर स्मृति को अक्षुण रखने हेतु माॅरिशस की तरफ से स्वामी कृष्णानंद जी को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार के लिए भारत सरकार को अनुशंसा करनी चाहिए। साथ ही कृषणानंद जी की जन्म भूमि आगमन का न्यौता भी दिया। रतनू ने हाईकमीशन को बताया कि माॅरिशस से ह्युमन सर्विस ट्रस्ट के चेयरपर्सन प्रेमचन्द बुझावन मुंशी, सूर्यदेव, धनदेव, राज हीरामन सहित माॅरिशस भारत में पूर्व राजदूत जगदीश्वर गोवर्धन भी स्वामी कृष्णानंद जी की जन्म भूमि उनके निमंत्रण पर पधार चूके हैं। साथ ही माॅरिशस का कालबासस शहर जहां स्वामी कृष्णानंद जी का सेवा आश्रम और समाधी है इनको जुङवां शहर घोषित करें। जिसे माॅरिशस के राजदूत हाईकमीशन हेमनदोयाल दीलम ने आगे बढाने पर सहमती प्रकट की। इस अवसर पर कुनाल रतनू भी मौजूद थे।

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