– शिक्षा विभाग के इस आदेश से
– शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद डोटासरा का कहना है कि मामला सीएम के नॉलेज में है.


– शिक्षक नेता ने कहा संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा
कई शिक्षकों को डर सता रहा है कि अगर वे रेड जोन से बाहर निकले तो वो कोरोना संक्रमितों के सम्पर्क में आ सकते हैं. इसलिये उन्हें वहीं ड्यूटी की अनुमति मिले जहां वो रह रहे हैं. शिक्षक नेता नारायण सिंह सिसोदिया ने कहा कि पौने दो लाख शिक्षक अभी ड्यूटी कर दे रहे हैं. अभी भी दो लाख शिक्षक शेष हैं. शिक्षक जहां निवास कर रहे हैं उनकी वहीं पर ड्यूटी लगायी जाए. अगर सरकार ने हड़बड़ी में दबाव बनाया और शिक्षक रेड जोन से निकल भी गए तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा.


– पास बनवाने पड़ेंगे. मेडिकल टेस्ट कराने पड़ेंगे
सिसोदिया ने कहा कि जयपुर के रामगंज निवासी बाड़मेर के कितनोरिया में तैनात प्रिंसिपल की घटना से विभाग को सबक लेना चाहिए. अगर शिक्षक घर से निकलकर मुख्यालय आ भी गए तो मकान मालिक उनको रहने नहीं देंगे. आशंका होने पर स्वास्थ्य विभाग वाले क्वॉरेटाइन कराएंगे. सरकार को करोड़ों रुपये खाने और परिवहन पर खर्च करने पड़ेंगे. पास बनवाने पड़ेंगे. मेडिकल टेस्ट कराने पड़ेंगे. इससे व्यवस्था बेपटरी हो जाएगी. इसलिए सरकार को जल्दबाजी में नहीं बल्कि सोच समझकर कदम उठाना चाहिए. क्योंकि कोरोना के खिलाफ अभी लंबी लड़ाई बाकी है.


– शिक्षा राज्यमंत्री डोटासरा का यह है तर्क
इस मसले पर शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद डोटासरा ने कहा कि मामला सीएम के नॉलेज में है. सोच समझकर कदम उठाया गया है. डोटासरा ने कहा कि हम उन शिक्षकों को कोरोना ड्यूटी से छूट देंगे जो बीमार हैं. गर्भवती और 2 साल से कम उम्र की संतान वाली शिक्षिकाओं की ड्यूटी नहीं लगेगी. जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में दो साल से कम समय है उन्हें भी हम नहीं बुलाएंगे. शिक्षक मुख्यालय कैसे आएंगे ये बात हमने मुख्यमंत्री को बतायी है. परिवहन पर सीएम जल्द फैसला लेंगे।
