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हत्या के आरोपी पहलवान सुशील कुमार  गिरफ्तार ,सामने आई पूरी सच्चाई

– सोशल मीडिया में चल रही खबरें भ्रामक निकली

नई दिल्ली। छत्रसाल स्टेडियम मर्डर में वॉन्टेड पहलवान सुशील कुमार को लेकर खबर आई कि गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन कुछ ही देर बादमीडिया में चल रही खबरें गलत साबित हुईं। सुशील कुमार अब भी फरार है और गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसकी पुष्टि एनबीटी के सूत्रों ने की है। सूत्र ने बताया पहलवान सुशील कुमार की गिरफ्तारी नहीं हुई है, मीडिया में कुछ खबरें चलीं जो सही नहीं हैं।

— ओलिंपिक में दो बार भारत के लिए मेडल जीत

चुके हत्या के आरोपी सुशील की अग्रिम जमानतयाचिका को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट ने मंलगवार को खारिज की कर दी थी। इससे एक दिन पहले दिल्लीपुलिस ने उनपर एक लाख और सहयोगी अजय पर50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी,जिसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। छत्रसाल स्टेडियम में 4-5 मई की दरयान हुई हिंसा में ग्रीको रोमन रेसलर, सागर की मौत के बाद से सुशील कुमार फरार है। एक वीडियो फुटेज सामने आई है, जो मेरठ टोल प्लाजा की बताई जा रही है। सुशील कार की फ्रंट सीट पर बैठा दिख रहा, जबकि एक लंबा तगड़ा शख्स कार चला रहा है। फुटेज को 6 मई का बताया जा रहा है।पुलिस को युवक और कार की तलाश है। सूत्रों के मुताबिक, सुशील, हरिद्वार स्थित एक बाबा से मदद मांगने गया था।

– सिर फटने से सागर की मौत :

पहलवान सागर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। सूत्रों के मुताबिक, सागर की मौत सिर पर किसी भारी चीज से प्रहार से हुई है। किसी लोहे की रॉड या लकड़ी के डंडे से बहुत तेजी से मारे जाने से सागर के सिर पर गंभीर चोट थी। सिर फटने से काफीमात्रा में खून बह गया। अस्पताल पहुंचने तक हालतबिगड़ चुकी थी। सागर के शरीर में कई जगह चोट के निशान पाए गए हैं। तफतीश में सामने आया था कि सागर की फावड़े के हत्थे से पिटाई की गई थी। दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की गई थी।

– कौन है अजय सहरावत

दिल्ली पुलिस ने सुशील के अलावा इसहत्याकांड में सिर्फ अजय कुमार सहरावत की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा है। वह रणहौला से कांग्रेस पार्षद सुरेश कुमार उर्फ सुरेश पहलवान उर्फ सुरेश बक्करवाला के बेटे हैं।अजय दिल्ली सरकार में फिजिकल एजुकेशन टीचर हैं, जो कॉन्ट्रैक्ट पर बताए जा रहे हैं। बक्करवाला गांव के मूल निवासी अजय के पिता सुरेश दिल्ली पुलिस में रहे हैं। करोल बाग थाने में 1993 में दर्ज एक केस के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। इस मामले में अदालत ने सुरेश को 2003 में सजा हुई थी, जो जेल में 2 साल 8 महीने काट चुके थे। पांच हजार रुपये जुर्माना भी हुआ था। पार्षद सुरेश ने 2017 एमसीडी इलेक्शन के दौरान दाखिल हलफनामे में इसका उल्लेख किया है।

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