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हमें महिलाओं के प्रति किए जाने वाले व्यवहार को लेकर संवेदनशील बनना चाहिए-प्रो. पुष्पा दहिया

हर्षित सैनी
रोहतक, 4 फरवरी। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (मदवि) संस्कृत विभाग में आज लैंगिक संवेदनशीलता जैसे ज्वलंत मुद्दे पर एक विस्तारित व्याख्यान का आयोजन किया गया।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता एवं महिला अध्ययन केन्द्र की निदेशिका प्रो. पुष्पा दहिया ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता शिरकत करते हुए अपने व्याख्यान में छात्रों को लैंगिक समानता के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि हमें महिलाओं के प्रति किए जाने वाले व्यवहार को लेकर संवेदनशील बनना चाहिए।

उन्होंने लैंगिकता से संबद्ध सभी मुद्दों पर बारिकी से प्रकाश डाला एवं लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण महिलाओं की कार्य स्थलों पर सहभागिता, जनमानस में महिलाओं को लेकर होने वाले दृष्टिभेद एवं उसका निराकरण जैसे मुद्दों पर गहराई से अपनी बात रखी, साथ ही समाज में लैंगिक दृष्टि से सामंजस्य बढ़ाने पर भी बल दिया। विद्यार्थियों ने प्रो. पुष्पा दहिया से इस ज्वलंत मुद्दे पर अपने मन की जिज्ञासाएं भी सांझा की, जिनका समाधान बेहद सुलझे हुए तरीके से वक्ता द्वारा किया गया।
इस व्याख्यान के पश्चात संस्कृत विभाग द्वारा पूर्व निर्धारित विभागीय संस्कृत साहित्य प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विभाग के एमए प्रथम वर्ष तथा एमए द्वितीय वर्ष के छात्रो की 10 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता शाम तक जारी रही एवं पाणिनि, यास्क, गौतम, सायण और कालिदास टीमों ने अंतिम पांच में अपनी जगह बना ली है । प्रतियोगिता कल भी जारी रहेंगी।
इन प्रतियोगिताओं का संचालन डा. रवि प्रभात एवं डा. श्रीभगवान ने किया। निर्णायक के तौर पर संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र कुमार, डा. सुनीता सैनी एवं डा. सुषमा नारा रहीं। कार्यक्रम के अंत में प्रो. सुरेंद्र कुमार ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर हेमंत, कृष्ण, सत्यवान, कुलदीप तथा लखन आदि विभागीय शोध छात्रों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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