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हरितालिका तीज के अवसर पर, महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र की कामना हेतु की निर्जला व्रत

रोहतास , अनमोल कुमाररोहतास जिला प्रखंड क्षेत्र चेनारी के भरंदुआ मे श्री ठाकुर अवध बिहारी जी मंदिर मैं तीज का व्रत मनाया गया हरितालिका व्रत को हरितालिका तीज या फिर तीज भी कहा जाता है यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी आज मनाया जा रहा है इस दिन सुहागिन महिलाएं भगवान शंकर और माता पार्वती की सच्चे मन से पूजा करती है यह व्रत बिहार में और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में मनाया जाने वाला करवा चौथ से भी कठिन माना जाता है क्योंकि जहां करवा चौथ में चांद देखने के बाद व्रत तोड़ दिया जाता है वही इस व्रत में पूरे दिन निर्जल व्रत किया जाता है और अगले दिन पूजन के पश्चात ही व्रत तोड़ा जाता है
हरितालिका तीज का महत्व मान्यता है कि सौभाग्यशाली महिलाएं अपने सुहाग को अखंड बनाए रखने के लिए यह व्रत करती है ऐसा माना जाता है कि सबसे पहले यह व्रत माता पार्वती ने सबसे भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए रखा था उन्हीं का अनुसरण करते हुए महिलाएं माता पार्वती और शिव जी जैसे दांपत्य जीवन पाने के लिए व्रत करती है।सावित्री गुप्ता बीजेपी महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष चेनारी और सैकड़ों महिलाओं ने साथ में तीज का व्रत किया।

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