Site icon OmExpress

हरियाणा का पारंपरिक खान-पान रंग व्यंजन लोगों को खूब भाया

पीजीआई के कुलपति प्रो. ओ.पी. कालरा व एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने हरियाणवी जायका का चखा स्वाद अनूप कुमार सैनी रोहतक, 6 मार्च। हरियाणवी जायका का जादू आज महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (मदवि) के रंग व्यंजन उत्सव में सिर चढ़कर बोला। हरियाणा का पारंपरिक खान-पान रंग व्यंजन में उपस्थित जन को खूब भा गया। रंग महोत्सव मेगा इवेंट के तहत रंग व्यंजन में पं. बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (रोहतक) के कुलपति प्रो. ओ.पी. कालरा, पं बीडीएसयूएचएस के कुलसचिव प्रो. एच.के. अग्रवाल तथा मदवि कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने रंग व्यंजन के विभिन्न स्टाल्स की विजिट कर हरियाणवी जायका का स्वाद चखा। प्रातःकालीन सत्र में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश नरिंदर कौर ने रंग व्यंजन उत्सव में विजिट किया, तथा हरियाणवी स्वाद को सराहा। इस रंग व्यंजन उत्सव का समन्वयन मदवि के निदेशक आईएचटीएम डा. संदीप मलिक कर रहे हैं। आज रंग व्यंजन उत्सव में लस्सी, खीर-शक्कर, बाजरे-मक्की की रोटी, मिस्सी रोटी, देसी घी का हलवा, छोलिया की चटनी, कचरी की चटनी, पेठे की सब्जी, दाल, गुलगुले, रायता, बाजरे की खिचड़ी, हरियाणवी थाली, कढ़ी-चावल, लाप्सी, अलसी का हलवा, चकुंदर की लस्सी आदि की धूम रही। इस रंग व्यंजन उत्सव में विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों की टीमें भाग ले रही हैं। विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग, लोक प्रशासन विभाग तथा विधि विभाग के विद्यार्थियों ने भी रंग व्यंजन में स्टॉल्स लगाए। ‘लर्निंग बाई डूइंग’ का सिद्धांत इस रंग व्यंजन उत्सव में जीवंत हो रहा है।

Exit mobile version