चंडीगढ़। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते दौर में अपराधी सैन्य छावनियों के नाम पर भी ठगी करने से चूक नहीं रहे हैं। ये लोग खुद को विभिन्न सैन्य छावनियों का जवान व अफसर बताकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। इस तरह कुछ मामले सामने आएं हैं जिसे लेकर न केवल सेना की खुफिया विंग अलर्ट हो गई है, बल्कि ऐसी शिकायतें सेना हाईकमान तक भी पहुंच रही हैं। इस पर सेना भी गंभीर है। विभिन्न राज्यों में अपराधियों का ये गिरोह सक्रिय है और ऐसी वारदात हरियाणा में भी सामने आ चुकी हैं। अपराधियों ने हिसार आर्मी कैंट का नाम लेकर हजारों रुपये की ठगी की। इस तरह की घटनाओं को लेकर हरियाणा पुलिस भी सतर्क है, क्योंकि हरियाणा का ये मामला सिविल पुलिस के माध्यम से ही पकड़ में आया है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़ में सेना की कई महत्वपूर्ण सैन्य छावनियां मौजूद हैं। वैसे तो इन छावनियों की सुरक्षा चाक चौबंद हैं लेकिन ऑनलाइन ठगी करने वाले शातिर अपराधी लोगों को ठगने में इन सैन्य छावनियों के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये ठग खुद को छावनियों का जवान बताकर विभिन्न तरीकों से ठगी करते हैं। इसके साथ-साथ ये लोग सैनिक स्कूलों में भी दाखिला करवाने के नाम पर भी लोगों से ठगी करने में पीछे नहीं हैं। इसके साथ-साथ विभिन्न माध्यमों से ये असामाजिक लोग सेना की छवि भी खराब करने की साजिशों में जुटे रहते हैं। इसी के मद्देनजर सेना की विशेष विंग भी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से लोगों को ऐसे असामाजिक तत्वों की करतूतों से जागरूक करने में जुटी हुई है।_
_*महाराष्ट्र, कर्नाटक के बाद अब निशाने पर था हरियाणा!*_
_हरियाणा में हांसी पुलिस की सीआईए टीम ने पिछले दिनों एक शातिर ठग गिरफ्तार किया था। ये गिरोह महाराष्ट्र और कर्नाटक में 40 से अधिक वारदातें कर चुके हैं और अब हरियाणा इनके निशाने पर था। हांसी बाईपास पर स्थित द रायल विंग्स के शेखर लांबा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उन्हें किसी नंबर से फोन आया और खाना पैक करने के लिए कहा।
उन्होंने उनके द्वारा बताए गए ऑर्डर के अनुसार खाना पैक करवा दिया। खाना पैक होने के बाद उसी नंबर पर फोन किया। तो फिर उस शख्स ने उनके होटल के अकाउंट के डेबिट कार्ड की फोटो व फ्रंट और बैक साइड फोटो मांगी। मगर उन्होंने फोटो देने से मना कर दिया। इसके बाद ठग ने पेटीएम नंबर मांगा और कहा कि वह हिसार आर्मी कैंट से बोल रहा है। आर्मी कैंट से ही पेमेंट आएगी जो कि पूरी तरह सुरक्षित होगी। इसके लिए आपके पास एक ओटीपी आएगा और वो बता देना। जैसे ही उनके पास ओटीपी आया तो उन्होंने उसे उस शख्स के साथ साझा किया। कुछ ही देर में उनके खाते से 12 हजार 999 रुपये कट गए। जब पेटीएम पास बुक में देखा तो पेमेंट एक कंपनी को गई थी।