

झुंझुनू ,(दिनेश शर्मा “अधिकारी “)। वर्तमान में वैश्विक महामारी कॉविड-19 के संक्रमण के कारण अस्पतालों में आ रही बेड़ व ऑक्सीजन की कमी, दवाईओं की कमी को मद्देनजर रखते हुए माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ, जयपुर द्वारा डी.बी. सिविल रिट पिटीषन 5127/2021 आदेष दिनांक 28.04.2021 में वर्णित निर्देषों की पालना में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं की सचिव अपर जिला न्यायाधीश श्रीमती दीक्षा सूद ने गठित कमेटी के सदस्य विजय ओला, अध्यक्ष, बार संघ एव सी.एल.सैनी, मेम्बर बार काउंसिल व जिला प्रषासन के साथ वर्चुअल मीटिंग का आयोजन किया गया।
आयोजित मीटिंग में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पी.एम.ओ, अतिरिक्त जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम व एम्बुलेंस संचालक शामिल रहे।


उक्त मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए न्यायधीश श्रीमती सूद ने जाहिर किया कि जनहित याचिका में राज्य स्तर पर व जिला स्तर पर कोविड़-19 परिस्थितियों के दृष्टिगत गठित कमेटी जिसमें सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बार अध्यक्ष व राजस्थान बार एसोसिएषन द्वारा चयनित सदस्य है जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों में जारी हैल्पलाईन नंबर व लैण्डलाईन नं. का 24 संचालन करेंगी साथ ही नियमित रूप से राज्य सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारियों से संपर्क करते हुए जरूरतमंद व्यक्तियों को आवष्यक चिकित्सकीय सहायता जैसे पीड़ित को एम्बूलेंस उपलब्ध करवाना, अस्पताल में भर्ती कराना एवं अन्य चिकित्सकीय देखभाल आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेंगी। राज्य सरकार की ओर से कोविड-19 की रोकथाम हेतु अधिकृत अधिकारी, गठित समितियों द्वारा रैफर किये गये पीड़ितों की समस्याओं के निदान हेतु की गयी कार्यवाही का रिकॉर्ड संधारित करेंगे एवं समिति का अवगत करवायेंगे। श्रीमती सूद ने बताया कि उक्त रिट पिटीषन की पालाना में जिला विधिक सेवा प्राधिरकण के हैल्पलाईन नं. 8306002128 व लैण्डलाईन नं. 01592-294040 जो कि 24 घंटे चालु है इस पर प्राप्त हो रहे परिवादों को त्वरित व अविलंब सहायता पहुंचाने बाबत चर्चा की गई। साथ ही जिन मामलों में संसाधनों की कमी और अभाव सामने आ रहे हैं उच्च न्यायालय मैं स्थित राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में तुरंत प्रभाव से अवगत भी कराया जा रहा है जिससे आम जनता को इस राष्ट्रीय आपदा के समय में ज्यादा से ज्यादा राहत पहुंचा कर लाभान्वित किया जाए जिन संसाधनों की कमी महसूस की जा रही है उनकी पूर्ति के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा को अग्रिम कार्रवाई हेतु भी सूचित किया जा रहा है जिससे इस महामारी में होने वाली जनहानि को सरकार के प्रयासों से बचाया जा सके।
